प्रेमानंद महाराज की रात्रि पदयात्रा हमेशा के लिए बंद, अब रास्ते में नहीं होंगे दर्शन, ये है बड़ी वजह
Premanand Maharaj Ratri Padyatra: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj ) की रात्रि पदयात्रा अब हमेशा के लिए स्थगित कर दी गई है, जिसके बाद अब लोग उनके पदयात्रा के दौरान रात को मिलने वाले दर्शन का लाभ नहीं उठा पाएंगे। इसकी जानकारी संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीराधा केलिकुंज की ओर से जारी सूचना में दी गई है।
वृंदावन के श्रद्धालुओं के लिए निराश करने वाली खबर है। श्री हित राधा केलि कुंज परिकर श्रीधाम वृंदावन की ओर से गुरुवार 6 फरवरी को सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट के माध्यम से यह घोषणा की गई कि संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) की रात्रि पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।

Premanand Maharaj: क्यों हमेशा के लिए बंद हुई पदयात्रा?
बता दें कि हर रात 2 बजे संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) अपने श्रीकृष्ण शरणम् स्थित आवास से रमणरेती स्थित श्री राधा केलि कुंज आश्रम तक पदयात्रा करते थे। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर भजन-कीर्तन करते दिखाई देते थे। लेकिन हाल के दिनों में इस पदयात्रा को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई, खासकर रात्रि के समय होने वाले शोरगुल को लेकर।
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इसके अलावा संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) के स्वास्थ्य और लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए आश्रम प्रबंधन ने इस पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है।
पहले भी रोकी गई थी पदयात्रा
यह पहली बार नहीं है जब संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) की पदयात्रा रोकी गई हो। इससे पहले हाथरस हादसे के दौरान भी पदयात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया था। उस समय हादसे में 121 महिलाओं और बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद संत समाज ने सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया था और श्रद्धालुओं से भीड़ ना लगाने की अपील की थी।
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श्रद्धालुओं में भारी निराशा
संत प्रेमानंद महाराज के रात्रि दर्शन को लेकर भक्तों में गहरी आस्था रही है। उनकी उपस्थिति मात्र से ही श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब जाते थे। पदयात्रा के स्थगित होने की खबर से भक्तों में निराशा जरूर है, लेकिन उनकी भक्ति और श्रद्धा में कोई कमी नहीं आएगी। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि कब यह पदयात्रा दोबारा शुरू होगी और संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त होगा।












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