Prayagraj Fire: प्रयागराज शिक्षा भवन में आग से कई स्कूलों के रिकार्ड राख, अखिलेश ने जताई साजिश की आशंका
Prayagraj Fire News: प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आई, जहां शिक्षा निदेशालय की इमारत के दो कमरों में रविवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने दस्तावेजों के ढेर को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के जवानों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बताया जा रहा है कि शिक्षा निदेशालय की पत्थर बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित लेखा अनुभाग के कमरा नंबर 14 और 15 में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। वहां मौजूद फाइलें जलकर खाक हो गईं। आग की सूचना मिलते ही अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया।

वहीं, इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार से उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आग लगने पर गहरी आशंका भी जताई है।
दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुझी आग
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आर.के. पांडेय के मुताबिक, आग लगने की सूचना सुबह 8:35 बजे मिली थी। तुरंत दो फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे गए। फाइलों की अधिकता के चलते आग तेजी से फैलती चली गई और उसे बुझाने में लगभग दो घंटे का समय लगा।
पांडेय ने बताया कि आग लगने की असली वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन की तैयारी की जा रही है, जो आग लगने के कारणों का भी खुलासा करेगी।
महत्वपूर्ण दस्तावेज जलने से बढ़ी चिंता
सूत्रों की मानें तो जिन दो कमरों में आग लगी थी, उनमें प्रदेश के कई एडेड विद्यालयों के पंजीकरण, मान्यता, अनुदान और नियुक्तियों से संबंधित अहम दस्तावेज रखे गए थे। आग में इनकी फाइलें जल जाने से शिक्षा विभाग को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद शिक्षा निदेशालय परिसर की सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही, मौके पर साक्ष्य जुटाने और आग के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।
अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला
इस घटना के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को घेरा। उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि प्रयागराज में शिक्षा निदेशालय में आग लगी है या लगाई गई है, यह तकनीकी कारणों से घटित दुर्घटना है या फिर इसके पीछे कोई साजिश है, इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर आग की घटना को संदेहास्पद करार देते हुए योगी सरकार से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि बिना जांच के किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
प्रयागराज की घटना के अलावा अखिलेश यादव ने लखीमपुर में पानी की टंकी फटने के मामले में भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का दबाव पानी की टंकी कैसे झेल सकती है। यह टंकी नहीं फटी, बल्कि भाजपा की कथित ईमानदारी का गुब्बारा फटा है।












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