BHU: चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे के बाद सीज हो सकते हैं VC के अधिकार
वाराणसी/कानपुर/मिर्जापुर। काशी हिन्दू विश्व विद्यालय में छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज की घटना के बाद जहां कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को दोषी बताया गया है वहीं यूपी के मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने भी पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की बात कही। यही नहीं मामले के तूल पकड़ने के बाद मंगलवार को देर रात चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर ओ एन सिंह ने अपना इस्तीफा दिया तो अब वीसी के सभी प्रशासनिक अधिकार सीज होने के बारे में चर्चाएं हो रही हैं। डॉक्टर महेंद्र कुमार सिंह नए चीफ प्रॉक्टर बनाए गए हैं। सूत्रों की मानें तो 27 नवम्बर को वीसी गिरीश चन्द्र त्रिपाठी का कार्यकाल पूरा हो रहा था, ऐसे में रिटायरमेंट से पहले ही उनके अधिकार सीज कर लिए जाएंगे। आरोप है कि कार्यकाल पूरा होने के समय नजदीक होने के कारण वीसी गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने लापरवाही बरती है।

मानवाधिकार आयोग ने भी भेजा नोटिस
योगी सरकर ने भी मंगलवार को इस मामले में न्यायिक जाँच के आदेश दिए थे और कहा था कि जैसे इस जाँच की रिपोर्ट आएगी, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीन पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हुई। यूनिवर्सिटी प्रशासन को हिदायत दी गई है कि स्टूडेंट्स को परेशान न किया जाए लेकिन जो अराजक माहौल खराब करने पर तुले हैं उनसे सख्ती से निपटा जाए। बता दें कि मानवधिकार आयोग ने भी सरकार और यूपी के डीजीपी को बीएचयू में हुए बवाल के बाद नोटिस भेजा है।

राज्य सरकार के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई
21 सितम्बर से शुरू हुए इस बवाल ने बड़ा रूप ले लिया। पीएम नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र से 23 की दोपहर वापस लौटे। देर रात कैम्पस में छात्राओं और छात्रों पर लाठियां बरसाई गयीं। इस मामले में सोमवार को जिलाधिकारी और एसएसपी ने अपने मातहतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग से दोषी पाए जाने पर के लंका के एसओ राजीव सिंह को लाइन हाजिर कर दिया था जबकि सर्किल अफसर का तबादला गैर जनपद कर दिया गया था। यही नहीं डीएम योगेश्वर राम ने भी विरोध के बाद एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह, मजिस्ट्रेट सुशील कुमार और मजिस्ट्रेट जगदंबा प्रसाद सिंह को हटा दिया।

बीएचयू में लाठीचार्ज पर धैर्य रखने की जरूरत थी: कलराज मिश्र
बीएचयू में छात्राओं पर किये गये लाठी चार्ज के मामले पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद कलराज मिश्र ने कहा कि धैर्य रखने की जरूरत थी। छात्राओं पर लाठी चार्ज करना गलत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले में दोषियों पर कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है। मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जा रही है। जो भी दोषी होगा उसे सजा मिलेगी। वे मंगलवार को मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद नगर विधायक रत्नाकर मिश्र के अतिथि भवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

कानपुर में वीसी के खिलाफ परिवाद
वाराणसी के बीएचयू यूनिवर्सिटी में छात्रा के साथ हुए छेड़छाड़ के मामले और उसके बाद वहां हुई हिंसा के मामले में यूनिवर्सिटी के कुलपति के खिलाफ कानपुर कोर्ट में परिवाद दर्ज़ किया गया है। कानपुर के अधिवक्ता प्रियांशु सक्सेना ने सीएमएम कोर्ट में परिवाद दाखिल करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में छात्रा के साथ छेड़छाड़ और फिर उसके बाद वहां हुई लाठीचार्ज की जिम्मेदारी कुलपति की है इसलिए इतने गंभीर मामले में परिवाद दर्ज़ किया जाए। कोर्ट ने परिवाद दर्ज करते हुए 6 अक्टूबर की तारीख सुनवाई के लिए नियत की है।












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