Yogi-Modi की तस्वीर.. दुर्गा पंडाल और विवाद, वाराणसी में धार्मिक आयोजन के बीच चढ़ा सियासी पारा
कई बार नेता धार्मिक आयोजनों का राजनैतिक लाभ लेने के चक्कर में खुद ही अपनी फजीयत करा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला वाराणसी से सामने आया, जहां टाउनहाॅल में लगे मां दुर्गा के पंडाल में देवी माँ की प्रतिमा के आगे ही पीएम मोदी और सीएम योगी की तस्वीर लगा दी गई, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया। विवाद बढ़ता देख आनन-फानन में आयोजकों को योगी-मोदी की तस्वीर को हटाना पड़ा।
दरअसल, पूरा मामला पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के टाउनहाॅल परिसर का है। टाउनहाॅल में प्रतिपदा के साथ ही मां दुर्गा की प्रतिमा विराजमान हो जाती है। हालांकि, इस बार आठ साल के बाद टाउनहाॅल में मां दुर्गा की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित हुई है। तब हुए अन्याय प्रतिकार यात्रा में बवाल के बाद से प्रतिमा स्थापित नहीं की जा रही थी।

वहीं इस बार दुर्गा पंडाल में सोमवार को सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति ने पंडाल में माता की प्रतिमा के सामने प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ सीएम योगी की तस्वीर भी लगा दी। जिसके बाद यह तस्वीर वायरल हो गई और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया देने लगे। कुछ लोगों का कहना था कि 'देवी प्रतिमा के साथ नेताओं की तस्वीर नहीं लगाना चाहिए, भले ही वो योगी-मोदी की ही क्यों न हों।'
उधर, स्थानीय नेता भी इस मामले को और तूल देने लगे। उनका कहना था कि देवी पंडाल के आयोजन से जुड़े लोग अलग-अलग राजनैतिक दलों से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन नगर निगम में भाजपाइयों का गहरा प्रभाव है। इसी के चलते नगर निगम की शह पर देवी पंडाल का भाजपाईकरण करने के लिए पीएम मोदी और सीएम योगी की तस्वीरें लगाई गईं हैं, वह भी ठीक देवी प्रतिमा के आगे।
इधर, विवाद बढ़ता देख नगर निगम ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उन्होंने आयोजन के दौरान सबसे ज्यादा स्वछता बरतने वाली आयोजन समिति को 10 हजार रुपए की धनराशि से पुरुस्कृत करने की घोषणा की है। जिसके चलते स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े लोगों ने पंडाल में पीएम मोदी और सीएम योगी की तस्वीर लगा दी थी। यह उनकी व्यक्तिगत सोंच थी। फिलहाल, पंडाल से योगी-मोदी की तस्वीरों को हटा दिया गया है।












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