भाई की हत्या का बदला लेने के लिए हुआ हाईवे पर दिनदहाड़े डबल मर्डर
बुलंदशहर में भाई की हत्या की बदला लेने पर मां के उकसाने पर आरोपी ने साथियों की मदद से हाईवे पर शाहिद और उसकी पत्नी को मार डाला।
बुलंदशहर। यूपी के बुलंदशहर क्षेत्र में नेशनल हाईवे एनएच 91 पर पूर्व प्रधान और उनकी पत्नी की दिनदहाड़े हत्या करने वाले मुख्य आरोपी सहित 11 लोगों को क्राइम ब्रांच और पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। पुलिस ने हत्यारोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 8 देशी पिस्तोल, तीन बाइक और एक कार बरामद की हैं। फिलहाल चार आरोपी पुलिस की पकड़ से अभी दूर हैं। पुलिस चारों को जल्दी अरेस्ट करने का दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि भाई की हत्या का बदला लेने के लिए ही आरोपियों ने इस डबल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया था।

यह था मामला
22 जून को नेशनल हाईवे एनएच 91 के दोस्तपुर गांव के पास हथियार बंद बदमाशों ने पूर्व प्रधान शाहिद, उनकी पत्नी रहीसा को रोका और दोनों के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। हत्यारें हत्या करने के बाद शव को पास के खेत में फेंक कर मौका-ए-वारदात से फरार हो गए। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह हत्या उस वक्त की गई थी जब पूर्व प्रधान शाहिद और उनकी पत्नी रहीसा बुलंदशहर जिला जेल में अपने तीन बेटों से मुलाकात के बाद अपने घर खुर्जा जा रहे थे। मृतक की पुत्री की तहरीर पर पुलिस ने डबल मर्डर में पांच आरोपियों को नामजद किया था।

मां के उकसाने पर दिया वारदात को अंजाम
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि 27 सितम्बर 2016 पूर्व प्रधान शाहिद ने बेटों नाहिद, वाहिद व मोहसीन के साथ मिलकर शानू ठाकुर के भाई नईम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अपने भाई नईम की हत्या का बदला लेने के लिए शानू ठाकुर ने अपने भाई शादाब, नाजिर, नदीम, फईम, फय्याज, श्रीमती हाशमी, रिजवान, इमरान व दोस्त शकील और आजाद के साथ शाहिद व उनकी पत्नी रहीसा की हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने बताया कि शकील और आजाद ने हत्याकांड में शानू ठाकुर और शादाब की मदद की थी। पुलिस ने यह भी बताया कि शानू ठाकुर की मां पूर्व प्रधान शाहिद से अपने बेटे नईम की हत्या का बदला लेने के लिए उकसाने का काम करती थी। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी शानू ठाकुर सहित 11 लोगों को अरेस्ट किया हैं।

जमानत पर जेल से बाहर आए थे शाहिद
पुलिस ने बताया कि शाहिद 2 माह पूर्व जमानत पर जेल से बाहर आए थे। शानू ठाकुर ने पिता व भाइयों को साथ लेकर करीब डेढ़ माह पूर्व शाहिद की हत्या करने की योजना बनायी थी। आरोपियों ने योजना के तहत 7 मोबाइल फोन भी खरीदे थे और लगातार शाहिद की रेकी भी कर रहे थे। 22 जून को जब शाहिद अपनी पत्नी रहीसा के साथ अपने बेटों नाहिद, वाहिद व मोहसीन से मिलकर जिला कारागार से वापस आ रहे थे तो सैन्ट्रो कार व 3 मोटरसाइकिलों पर सवार अभियुक्तों ने दोस्तपुर हाईवे पर पीछे से शाहिद व उसकी पत्नी रहीसा की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर निर्मम हत्या कर दी और फरार हो गये।












Click it and Unblock the Notifications