Onion price in Lucknow: टमाटर के बाद अब रुलाएगी प्याज की बढ़ती कीमतें, जानिए व्यापारियों के दावे
यूपी में प्याज की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है। हालांकि प्याज के भाव में ज्यादा उछाल नहीं आया है लेकिन आने वाले दिनों में ऐसा संभव हो सकता है।
Onion prices: देश में कुछ दिनों पहले टमाटर की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ था। हालांकि टमाटर के बढ़ती कीमतों को देखकर सरकार सक्रिय हुई और लखनऊ समेत कई शहरों में सरकारी दरों पर टमाटर की बिक्री हुई जिससे राहत मिली। लेकिर इस बीच अब प्याज के भाव भी बढ़ने शुरू हो गए हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसकी कीमतों में और ज्यादा उछाल देखने को मिल सकता है जिससे सरकार की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

प्याज के दामों में जल्द आ सकता है उछाल
दरअसल टमाटर के बाद अब अचानक प्याज की कीमतें बढ़नी शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि जो प्याज अभी थोक में 30 से 35 रुपये किलो तक मिल रही है वह जल्द ही 50 से 60 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि मंडी में प्याज की खरीद बिक्री करने वाले आढ़तियों की माने तो अभी प्याज के भाव लोगों की रेंज से बाहर नहीं है। मंडी के भीतर थोक में प्याज 22 रुपये तक मिल रही है जबकि मंडी से बाहर जाने पर वही प्याज 35 रुपये के आसपास बिक रही है।
मंडी के रेट और बाहर के रेट में अंतर
लखनऊ दुबग्गा मंडी यूनियन के महामंत्री शाहनवाज हुसैन कहते हैं कि,
प्याज की आवक पर असर पड़ा है। लेकिन एक बात भी देखने लायक है कि जहां टमाटर को ज्यादा दिन तक मंडी में नहीं रखा जा सकता वहीं प्याज को डंप किया जा सकता है। यानी कीमतें बढ़ीं तो इसको स्टोर भी किया जा सकता है। थोक में भाव अभी भी 22 रुपये किलो के आसपास है। ये अधिकतम है। मंडी के बाहर इसके रेट कुछ ज्यादा हैं।
50 रुपये तक पहुंच सकती है कीमतें
आढ़तियों का कहना है कि अभी नई प्याज की आवक में अभी टाइम है और ऐसे समय में रक्षाबंधन जैसा त्यौहार भी आ रहा है तो हो सकता है कि दाम में कुछ इजाफा हो जाए लेकिन कितना जाएगा यह भी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
सब्जी विक्रेता दानिश बताते हैं कि, एक सप्ताह के भीतर पांच से छह रुपये तक प्याज के दाम में इजाफा हुआ है। सावन का महीना खत्म होने और नई आवक आने में अभी समय है इसलिए लखनऊ में प्याज की कीमतें 50 रुपये रुपये तक पहुंच सकती हैं।
प्याज के दाम को कंट्रोल करने में जुटी है सरकार
प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर बीजेपी के प्रवक्ता अवनीश त्यागी कहते हैं कि,
प्याज या कोई भी फसल हो ये पूरी तरह से मौसम पर आधारित होता है। मौसम सही नहीं होता है तो उत्पादन घट जाता है। उत्पादन घटने से भाव में तेजी आती है। सरकार ने प्याज के भाव को कंट्रोल करने के लिए कदम उठाने शुरू किए हैं। प्याज के भाव पर रोक लगाने के लिए सरकार ने जमाखोरों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। सरकार ने प्याज के भाव को रोकने के लिए निर्यात शुल्क में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है।












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