UP में 62 सीटों पर कांग्रेस से ज्यादा NOTA को मिले वोट, जानिए क्यों बढ़ती जा रही अहमियत
लखनऊ, 15 मार्च: उत्तर प्रदेश के 6 लाख मतदाताओं को किसी दल का कोई प्रत्याशी पसंद नहीं आया। उसने उन सभी को खारिज कर दिया। नोटा का बटन दबाने वाले इन मतदाताओं की संख्या राज्य में भाग लेने वाले कुल मतदाताओं का 0.70% थी। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नोटा का वोट शेयर एआईएमआईएम, सीपीआई और जेडीयू जैसी पार्टियों के कुल वोट शेयर से ज्यादा है। प्रदेश की तीनों विधानसभाओं में प्रत्याशियों को खारिज कर अपने मताधिकार का प्रयोग करने वालों ने चार हजार वोटों का आंकड़ा पार कर लिया है।

देश में पहला NOTA विकल्प 2009 में मतदान किया गया था ताकि राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों में अरुचि के कारण अपने मताधिकार का प्रयोग न करने वाले लोगों को वोट देने और अपनी राय दर्ज करने के लिए आकर्षित किया जा सके। स्थानीय चुनावों में मतदाताओं को नोटा विकल्प देने वाला छत्तीसगढ़ भारत का पहला राज्य था। 2013 में चार राज्यों छत्तीसगढ़, मिजोरम, राजस्थान और मध्य प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में विधानसभा चुनाव में नोटा का विकल्प दिया गया था।
2014 में अनिवार्य हुआ नोटा
वहीं, 2014 से देशभर की ईवीएम में एक बटन का नोटा देना अनिवार्य कर दिया गया था। इसको लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। नोटा उपयोगकर्ताओं के उच्च प्रतिशत वाले प्रमुख राजनीतिक दलों में एआईएमआईएम (0.49%), जेडीयू (0.11%), सीपीआई (0.07%) शामिल हैं।
62 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों से ज्यादा नोटा
राज्य के 62 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों से ज्यादा वोट नोटा को गए। अमरोहा, अलीगंज, असमोली, बाबागंज, आया शाह, औरैया, रसरा, रॉबर्ट्सगंज, सैदपुर, शामली, जहूराबाद, जमानिया, मेजा, मुबारकपुर, नूरपुर, दुद्धी, कुंडा, मौरानीपुर, नानपारा, पीलीभीत, ज्ञानपुर, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, चकिया चंदौसी, मड़ियाहू, फिरोजाबाद, चंदौसी, बिधूना, भिंगा, बांदा, बल्हा, बैरिया, बाह, बबेरू, धौरहरा, गुन्नौर, कुंदरकी, मनकापुर, नरैनी, रानीगंज समेत अन्य जिलों में कांग्रेस उम्मीदवारों से ज्यादा नोटा के पक्ष में मतदान हुआ है।
तीन विधानसभा क्षेत्रों में 4,000 से अधिक वोट नोटा के पड़े
नोटा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल दुद्धी विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने किया। यहां 4,756 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। हालांकि यह आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव से कम है। पिछली बार 8,522 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया था, जो इस सीट पर हुए कुल मतदान का 4.53% था। इसके अलावा घोरावल विधानसभा क्षेत्र में 4,482 लोगों ने और रथ में 4,268 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया। ये तीनों इलाके नोटा के सबसे ज्यादा इस्तेमाल में बने रहे।












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