Noida Jinx: अखिलेश यादव 11 साल बाद गए नोएडा, कहा- यहां प्रचार करने वाले की होती है जीत
लखनऊ, 3 फरवरी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पश्चिम में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने गुरुवार शाम गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) का दौरा किया और वहां से जुड़े मिथक को तोड़ पार्टी की जीत का दावा किया। 11 साल बाद अखिलेश के नोएडा आने पर वहां की जनता ही हैरान रह गई। अब मीडिया से बात करते हुए सपा सुप्रीमो ने खुद नोएडा आने की वजह बताई है।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि नोएडा से संबंधित एक और कहावत है कि अगर कोई पार्टी नोएडा में प्रचार के लिए जाती है तो वो उत्तर प्रदेश चुनाव जीतती है। पिछली बार मैंने 2011 में नोएडा का दौरा किया था। जिस वजह से 2012 में पूर्ण बहुमत के साथ सपा की सरकार बनी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नोएडा दौरे से भी 2022 में सरकार बनाने में मदद मिलेगी।
क्या है नोएडा से जुड़ा मिथक?
नोएडा से जुड़ा मिथक ये है कि अगर कोई मुख्यमंत्री वहां पर जाता है, तो उसकी कुर्सी चली जाती है। हालांकि 2017 में सरकार बनने के बाद योगी आदित्यनाथ नोएडा गए थे। इसको लेकर कई बार उनसे सवाल किया गया, जिस पर उन्होंने कहा था कि वो विकास कार्यों के लिए जा रहे थे। उन्हें यकीन है कि लोग बीजेपी को समर्थन देंगे और उनकी सरकार फिर से बनेगी।
ऐसे शुरू हुआ 'नोएडा जिंक्स'
नोएडा की यात्रा के बाद पूर्व सीएम वीर बहादुर सिंह चुनाव हार गए थे। वहीं से ही नोएडा जिंक्स अस्तित्व में आया। इसके बाद एनडी तिवारी, कल्याण सिंह और मायावती नोएडा गईं। वो लोग भी हार गए। इसी वजह से अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में वहां से दूरी बनाए रखी। जब भी कोई विकास कार्य का उद्घाटन या शिलान्यास करना रहता था, तो अखिलेश लखनऊ से ही उसे करते थे।












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