88,000 ऋषियों की तपस्थली 'नैमिष धाम' के विकास और ब्रांडिंग की पूरी तैयारी, जानिए योगी का एक्शन प्लान
लखनऊ, 13 जुलाई : उत्तर प्रदेश में काशी-मथुरा-अयोध्या की तर्ज पर ही अब योगी सरकार ने ऋषि-मुनियों की तपस्थली नैमिषारण्य यानी नैमिष धाम की ब्रांडिंग करने का काम शुरू कर दिया है। बीजेपी के चुनावी वादे में शामिल नैमिष धाम का विकास कई चरणों में किया जाएगा। सरकार का दावा है कि मंदिर को विकसित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अब चरणबद्ध तरीके से इसका विकास किया जाएगा। बताया जाता है कि नैमिष ही वह पवित्र धाम है जहां 88,000 ऋषियों ने तपस्या की थी। यहां मां ललिता देवी मंदिर, दधीचि कुंड और सीता कुंड विद्यमान है। इन सबका जीर्णोद्धार करने का काम सरकार ने शुरू कर दिया है।

काशी-अयोध्या-मथुरा की तर्ज पर अब नैमिषारण्य का विकास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी, अयोध्या और मथुरा की तर्ज पर चरणबद्ध तरीके से नैमिषारण्य विकसित करने के लिए पर्यटन, शहरी विकास, लोक निर्माण और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में नैमिषारण्य तीर्थ स्थल को वैदिक शहर के रूप में विकसित करने की कार्य योजना को मंजूरी दी थी। दरअसल योग सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान ही अपने चुनावी वादे में नैमिषधाम को शामिल किया था। अब सरकार उसी एजेंडे के तहत आगे बढ़ रही है।

इलेक्ट्रिक बस एवं हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का निर्देश
सीएम ने अधिकारियों को लखनऊ और सीतापुर के बीच इलेक्ट्रिक बस और हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है ताकि देश और विदेश के तीर्थयात्रियों के लिए नैमिष धाम की यात्रा की जा सके। कार्ययोजना के अनुसार पहले चरण में चक्र तीर्थ स्थल, मां ललिता देवी मंदिर, दधीचि कुंड और सीता कुंड जैसी प्रमुख परियोजनाओं का विकास होगा। दूसरे चरण में रुद्रावर्त महादेव, देवदेश्वर मंदिर और काशी कुंड का विकास किया जाएगा। शहरी और क्षेत्रीय विकास के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई गई है।

नैमिषारण्य के कायाकल्प के लिए प्रतिबद्ध योगी
योजना में 'पंच कोसी', 'चौदह कोसी' और 'चौरासी कोसी' परिक्रमा मार्ग के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए मिश्रिख नगर पालिका का विस्तार भी शामिल है। सीएम ने अधिकारियों को नैमिषारण्य के सभी तालाबों में साफ पानी की उपलब्धता, चक्र तीर्थ स्थल का जीर्णोद्धार और दधीचि कुंड और मां ललिता देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देा दिया गया है कि वो पूरे एक्शन प्लान का सख्ती से पालन करें।

पर्यटकों के लिहाज से व्यवस्था करने का निर्देश
योगी ने अधिकारियों को नैमिष धाम में पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों को करने के लिए भूमि अधिग्रहण करने और पर्यटकों के आवास, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया, मंदिर को विकसित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए जहां 88,000 ऋषियों ने तपस्या की थी। ऋषियों की इस तपस्थली को अब योगी ने संजाने संवारने का जिम्मा उठाया है।

मथुरा-अयोध्या-काशी का भी हो रहा विकास
दरअसल योगी सरकार ने पहले कार्यकाल में काशी अयोध्या और मथुरा के विकास पर फोकस किया था। अयोध्या में जहां यूपी और केंद्र सरकार से जुड़ी हजारों करोड़ की परियोजनाएं परवान चढ़ रही हैं वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी और सीएम योगी के प्रयासों से काशी भी संवर रही है। काशी विश्वनाथ धाम का जिस तरह से सरकार ने कायाकल्प किया है उससे अब वहां रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आ रहे हैं जिससे वहां मंदिर ट्रस्ट को कमाई भी हो रही है। इसके साथ ही मथुरा के विकास के लिए योगी ने पहली सरकार में ब्रज तीर्थ विकास बोर्ड का गठन किया था। इसके जरिए मथुरा के साथ ही गोकुल, वृंदावन का भी कायाकल्प करने का प्रयास सरकार कर रही है।












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