नोटबंदी से बर्बाद हुआ बिजनेस, बच्चों की पढ़ाई के लिए किडनी बेचने को मजबूर हुई मां
यूपी के आगरा में चार बच्चों की मां को अपनी किडनी बेचने के लिए होना पड़ा मजबूर, सोशल मीडिया पर साझा किया पत्र
लखनऊ। नोटबंदी को खत्म हुए पांच महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इसका असर अब भी देखने को मिल रहा है। आगरा में एक महिला को अपने बच्चों को पालने के लिए और उनकी शिक्षा के लिए किडनी बेचने पर मजबूर होना पड़ा है। महिला ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि नोटबंदी की वजह से उसका बिजनेस चौपट हो गया, जिसकी वजह से उसकी आर्थिक हालत काफी बिगड़ गई है। आर्थिक हालत इस कदर खराब हो गई है कि महिला ने फेसबुक पर अपनी किडनी बेचने की बात कही है।

चार बच्चों की मां हैं आरती
आगरा के रोहता क्षेत्र में रहने वाली आरती शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी बेबसी जाहिर की है, उन्होंने लिखा है कि उनकी तीन बेटियां हैं और एक बेटा है और इनकी पढ़ाई के लिए उनके पास पैसे का बहुत अभाव है। महिला ने अपनी पीड़ा को जाहिर करते हुए कहा कि वह अपनी किडनी को बेचने के लिए तैयार है, अगर किसी को गुर्दे की जरूरत है तो वह उन्हें संपर्क कर सकता है। महिला की इस पेशकश के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है।

कोई नहीं सुन रहा है अपील
महिला का कहना है कि उसने आर्थिक मददे के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई थी, लेकिन अभी तक किसी भी तरह की मदद का किसी से आश्वासन नहीं मिला है। तमाम जगहों पर मदद की गुहार के बाद भी जब महिला को मदद नहीं मिली तो उन्हें मजबूर होकर सोशल मीडिया पर अपनी किडनी बेचने की पेशकश करनी पड़ी। महिला ने इसके लिए बकायदा एक पत्र लिखा है। महिला ने अपने पत्र मे लिखा है कि जिस किसी को उसकी किडनी की जरूरत हो वह उन्हें संपर्क कर सकता है।

नोटबंदी ने बर्बाद किया बिजनेस
आरती शर्मा आगरा के रोहता क्षेत्र की रहने वाली है और उनके पति मनोज शर्मा कुछ रेडीमेड कपड़ों का बिजनेस करते थे, लेकिन जिस तरह से अचानक नोटबंदी का ऐलान हुआ उसके बाद उनका बिजनेस ठप्प पड़ गया। बिजनेस खत्म होने की वजह से परिवार पर लालन-पालन की समस्या खड़ी हो गई। महिला के बच्चे अंग्रेजी माध्यम से सीबीआईएस बोर्ड से पढ़ाई कर रहे थे, इन बच्चों की तीन महीने की फीस नहीं जमा होने की वजह से स्कूल ने बच्चों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी नहीं मिली मदद
आरती शर्मा ने अपने स्तर पर हर जगह मदद की गुहार लगाई, उन्होंने स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से मदद की अपील की थी, लेकिन इन अधिकारियों ने इनकी नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात करने पहुंची। योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात के बारे में आरती शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मुश्किलों का समाधान निकलेगा, लेकिन अभी तक मुझे किसी भी तरह की मदद नहीं मिली है, लिहाजा मजबूरन मुझे यह कदम उठाना पड़ा है।












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