कानपुर में मां ने 5 साल के मासूम को 11वीं मंजिल से फेंका, फिर खुद भी कूदी, दोनों की मौत
कानपुर। स्किट्जोफ्रीनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमे व्यक्ति अपना मानसिक संतुलन खो देता है, इस बीमारी ग्रसित व्यक्ति इस कदर अपना मानसिक संतुलन खोता है कि वह ना सिर्फ दूसरों की बल्कि अपनी जान भी दे सकता है। कानपुर के इंदिरानगर में इस बीमारी से ग्रसित एक महिला ने अपने पांच साल के मासूम को निर्माणाधीन बिल्डिंग के 11वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया। महिला ने ना सिर्फ अपने बच्चे को बल्कि खुद भी बिल्डिंग से कूद गई, जिसके बाद दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

कानपुर के इंदिरानगर में रविवार को निर्माणाधीन बिल्डिंग पर यह घटना सामने आने के बाद यहां मौजूद लोग सदमे में हैं। पुलिस के अनुसार अपने बेटे को मारने के बाद महिला खुद भी बिल्डिंग से कूद गई, वहीं परिवार का कहना है कि महिला स्किट्जोफ्रीनिया से ग्रसित थी। यह घटना रविवार दोपहर की है। दोनों ही बच्चे और मां को गंभीर चोट आई। एसएसपी अखिलेश कुमार मीना ने बताया कि महिला की पहचान हो गई है, उसका नाम जया अग्रवाल है, वह पवन अग्रवाल की पत्नी है जोकि पेशे से चार्टड अकांउटेंट हैं और पत्रकारपुरम में रहते हैं।
यह घटना उस सवक्त हुई जब जया अपनी अपने पति और दो बेटों पार्थ (7), उत्कर्ष (5) के साथ अपने नए फ्लैट को देखने गई थी, जोकि इंदिरानगर में है। पति और बड़े बेटे का कहना है कि जया को मानसिक दौरा पड़ा और वह बालकनी की ओर एकदम से गई, इसके बाद उसने पहले उत्कर्ष को नीचे फेंका और फिर खुद भी नीचे कूद गई। इस घटना के बाद जब पार्थ और पवन ने चीखना शुरू किया तो मौके पर लोग इकट्ठा हो गए, पुलिस ने बताया कि महिला और बच्चे नीचे गिरते ही खून से लथपथ थे। लोगों का कहना है कि जब उत्कर्ष को लोग आनन-फानन में अस्पताल लेकर जा रहे थे तभी जया भी नीचे कूद गई। पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक पड़ोसी जिसने इन लोगों की चीख को सुना, उसका कहना है कि हम काफी डर गए थे, जब हमने बाहर देखा तो महिला और बच्चा खून से लथपथ नीचे पड़ा था।












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