Moradabad: क्या मुसलमानों के चलते 81 हिंदू परिवार पलायन करने वाले हैं ? जानिए पूरा मामला
मुरादाबाद, 5 अगस्त: यूपी के मुरादाबाद में 81 हिंदू परिवारों के पलायन की धमकी को लेकर सोशल मीडिया पर खूब विवाद हो रहा है। लेकिन, मुरादाबाद प्रशासन और पुलिस का कहना है कि विवाद दो संप्रदायों के बीच का नहीं है, बल्कि यह एक प्रॉपर्टी विवाद है। असल में शहर की एक कॉलोनी के निवासी कुछ दिनों से इलाका छोड़कर जाने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने अपने घरों पर मकान बिकाऊ है का बोर्ड लगा रखा है, जिसके चलते सोशल मीडिया पर यह खबर खूब तूल पकड़ रही है। आइए जानते हैं कि असल में यह पूरा विवाद है क्या और प्रशासन ने अबतक की जांच में क्या पाया है ?

ये मकान बिकाऊ है- इस पोस्टर से मुरादाबाद में खलबली
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित एक मध्यम-वर्गीय कॉलोनी के निवासियों ने अपने घरों के बाहर यह मकान बिकाऊ है का पोस्टर लगा लिया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उस इलाके में दो प्रॉपर्टी मुसलमानों को बेची गई है, जिसके बाद वहां के हिंदू परिवार उस इलाके से पलायन करने की बात कह रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शहर के लाजपत नगर इलाके के शिव मंदिर कॉलोनी में पिछले हफ्ते लगभग हर घर पर पोस्टर लगाया गया, जिसमें लिखा है- 'ये मकान बिकाऊ है। संपर्क करें।' बुधवार को जब उस कॉलोनी के दोनों घरों की छानबीन की तो पता चला कि दोनों मकानों पर ताला लटका हुआ है।

हमारा कल्चर अलग है- स्थानीय निवासी
इलाके के एक कारोबारी गौरव कोहली, जिनका परिवार वहां करीब 40 साल से रह रहा है ने बताया कि 'एक तरह से आम सहमति थी कि वे अपने इलाकों में रहेंगे और हम अपने इलाकों में और सबकुछ ठीक चल रहा था। वे जबरदस्ती यहां आकर माहौल क्यों खराब करना चाहते हैं? हमारा कल्चर अलग है। हमारे अपने पर्व-त्योहार होते हैं, जो हम अपने तरीके से मनाते हैं। वे अपने त्योहारों पर कुर्बानी देंगे।' स्थानीय निवासी इसी का विरोध कर रहे हैं। वह रोजाना कॉलोनी के शिव मंदिर पर जुटते हैं, जिसके बाहर एक बैनर लगाया गया है कि यहां के घर बिकाऊ हैं। निवासियों का दावा है कि मंदिर की सुरक्षा भी विरोध की एक वजह है।

प्रॉपर्टी विवाद का मामला- जिलाधिकारी
मंगलवार को जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने मुरादाबाद के एसएसपी के साथ कॉलोनी का दौरा किया और पूरे मामले में जांच की बात कही। डीएम ने बताया, 'कॉलोनी में 81 घर हैं। दो घरों के मालिकों ने करीब दो महीने पहले अपनी प्रॉपर्टी मुस्लिम समुदाय के लोगों को बेच दी। सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने छानबीन की। उन घरों में कोई नहीं रहता है और उनमें बाहर से ताला लगा हुआ है......' वो बोले कि 'हमने लोगों को समझाने की कोशिश की कि किसी भी व्यक्ति को अपनी प्रॉपर्टी किसी को बेचने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसा जानने में आया है कि कुछ स्थानीय निवासी उन प्रॉपर्टी को खरीदना चाहते थे और उन्हें अब पता चला है कि वह पहले ही बिक चुकी हैं।'

सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई होगी-पुलिस
मुरादाबाद पुलिस ने भी बयान जारी करके कहा है कि वहां के निवासी चाहते हैं उस जगह की कोई प्रॉपर्टी बिना उनकी सहमति के 'बाहरी' को नहीं बेचा जाए। पुलिस ने यह भी कहा है लोगों को कहीं भी रहने की स्वतंत्रता है। बयान के मुताबिक 'कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया के जरिए जानबूझ कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।' यह बयान शायद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर चल रहे विवाद को लेकर दिया गया है।

'हम ये प्रॉपर्टी खरीदने के लिए तैयार हैं'
उसी कॉलोनी में बीते 33 वर्षों से रह रहे विवेक शर्मा ने दावा किया है, 'हमने सुना है कि उन्होंने वो प्रॉपर्टी असल रेट से 2-4 गुनी ज्यादा कीमत पर खरीदी है। उन्होंने ऐसा क्यों किया, जबकि वह मुरादाबाद में कहीं भी प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं?' उन्होंने यह भी कहा है कि 'हम ये प्रॉपर्टी खरीदने के लिए तैयार हैं। हमारी मांग है कि इस सेल को उलट दिया जाए।' जबकि, नए मालिकों में से एक ने नाम नहीं जाहिर होने देने की शर्त पर कहा, 'प्रशासन को कानून के बारे में पता है और यह हमारा अधिकार है कि प्रॉपर्टी खरीदें और जहां भी चाहें वहां रहें। बेचने वाला और खरीदने वाला दोनों खुश है, इसलिए यह सही है। हम भाई की तरह हैं.....मैंने इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी, मुझे लगता है कि इसमें कुछ लोगों की राजनीति घुसी हुई है जो इस मुद्दे को भड़काना चाहते हैं।'












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