10 दिन में दूसरी बार काशी पहुंचकर पूर्वांचल के 26 जिलों की 156 सीटों को साध गए मोदी ?
लखनऊ, 22 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में चुनाव अब महज कुछ ही महीने दूर हैं लेकिन पीएम मोदी और वाराणसी संसदीय सीट से सांसद नरेंद्र मोदी इस समय फूल फार्म में चल रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मोदी 17 दिनों के भी भीतर यूपी 6वीं बार आए हैं जबकि दस दिनों के भीतर उनका काशी का दूसरा दौरा है। इससे पहले वह 13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का शुभारंभर करने काशी आए थे। काशी में इस बार अमूल प्लांट का शिलान्यास कर वह पूर्वांचल की लगभग 150 सीटों के समीकरण साध गए। मोदी के इस बड़े प्रोजेक्ट से पूर्वांचल के दुग्ध व्यवसायिओं को काफी लाभ मिलने की संभावना है। दावा किया जा रहा है कि बनास डेयरी प्लांट जब तैयार हो जाएगा तो पूरा बनारस और आसपास के लाखों किसानों को फायदा होगा। यहां आइसक्रीम और मिठाइयां भी बनेंगी। यानी, बनारस की लस्सी और छेने की एक से बढ़कर एक मिठाइयां और लौंगलता का स्वाद बढ़ जाएगा।

पूर्वांचल के 26 जिलों पर एक साथ मोदी की नजर
अगर चुनावी नजरिए से देखा जाए तो पूर्वांचल बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां कुल 26 जिले हैं और यहां विधानसभा की 156 सीटें हैं। अगर 2017 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो भाजपा ने 106 सीटों पर कब्जा किया था। सहयोगी दलों को मिलाया जाए तो यह आंकड़ा 128 सीटें भाजपा ने जीतीं। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी (SP) को 18, बसपा को 12, अपना दल को 8, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) को 4, कांग्रेस को 4 और निषाद पार्टी को 1 सीट पर जीत मिली थी, जबकि 3 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। वहीं, पूर्वांचल के 26 जिलों में लोकसभा की 29 सीटें हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव पर नजर डालें तो भाजपा ने 22 सीटों पर कब्जा किया था। वहीं, सपा और बसपा गठबंधन के खेमे 6 सीटें, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी।

मोदी ने करखियां में रखी डेयरी काशी संकुल की आधारशिला
वाराणसी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 दिसंबर को यहां करखियां में बनास डेयरी काशी संकुल की आधारशिला रखी। इस परियोजना का उद्देश्य पूर्वांचल क्षेत्र के किसानों और दूध उत्पादकों को सशक्त बनाना और एक के अनुसार सस्ती कीमतों पर अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराना है। पीएम ने डिजिटल रूप से रुपये भी ट्रांसफर किया। बयान में कहा गया था कि 2020-21 के लिए साल के अंत में लाभांश के रूप में लगभग 1,75,000 दूध किसानों के बैंक खातों में 35.19 करोड़ रुपये पहुंच जाएंगे।

बनारस में प्रतिदिन 25000 लीटर दूध की होती है खरीद
जुलाई 2021 में बनास डेयरी ने मॉडल डेयरी फार्मिंग के लिए वाराणसी के किसान परिवारों को सर्वश्रेष्ठ देशी नस्लों की 100 गायें उपलब्ध कराईं। बयान में कहा गया है कि इन किसानों को पशुपालन और डेयरी फार्म प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया और पशुपालन के लिए निरंतर मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई। वर्तमान में वाराणसी में 111 स्थानों से प्रतिदिन 25,000 लीटर से अधिक दूध की खरीद की जाती है।

यूपी में तीसरा प्लांट लगा रही बनास डेयरी
बनास डेयरी अब लखनऊ और कानपुर के बाद वाराणसी में अपना तीसरा प्लांट लगा रही है। इसकी क्षमता 5 लाख लीटर प्रति दिन होगी, जिसे प्रति दिन 10 लाख लीटर तक बढ़ाया जा सकता है और 30 एकड़ भूमि पर 475 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा। प्लांट में प्रतिदिन 50,000 लीटर आइसक्रीम, 20 टन पनीर, 75,000 लीटर बटर मिल्क, 50 टन दही, 15,000 लीटर लस्सी और 10,000 किलोग्राम अमूल मिठाई का भी उत्पादन होगा। संयंत्र में एक बेकरी इकाई भी होगी और इसमें महिलाओं और बच्चों के लिए पोषक तत्वों की खुराक का उत्पादन करने के लिए टेक होम राशन संयंत्र शामिल होगा।

वाराणसी समेत दर्जन भर जिलों के किसानों को लाभ होगा
इस परियोजना से वाराणसी, जौनपुर, मछलीशहर, चंदौली, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ जैसे पूर्वांचल क्षेत्र के 1,000 पड़ोसी गांवों के स्थानीय किसानों को लाभ होगा और उन्हें प्रति माह उनके दूध के लिए 8,000-10,000 रुपये मिलेंगे। ग्राहकों को सस्ती कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद भी मिलेंगे। बयान के अनुसार, इस परियोजना से संयंत्र में 750 लोगों, संबद्ध कार्यों में लगभग 2,350 लोगों और गांवों में लगभग 1,00,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।












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