रिपोर्ट: राम मंदिर पर फैसले के बाद विधायक, मेयर से लेकर डीआईजी तक ने खरीदी अयोध्या में जमीन

लखनऊ, 22 दिसंबर: उत्तर प्रदेश के अयोध्या की विवादित जमीन पर फैसला सुनाते हुए नवंबर, 2019 में सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर के निर्माण को मंजूरी दी थी। कोर्ट के फैसले के बाद यहां जमीनों के दाम बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए शहर प्राइम रियल स्टेट बन गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बाद अयोध्या में स्थानीय विधायक, मेयर, एमसडीएम, डीआईजी और नौकरशाहों के कई करीबी रिश्तेदारों ने यहां जमीनें खरीदी हैं। इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है।

राम मंदिर के 5 किमी के दायरे में खरीदी गई जमीनें

राम मंदिर के 5 किमी के दायरे में खरीदी गई जमीनें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फरवरी 2020 में मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदनी शुरू की और 70 एकड़ जमीन का अधिग्रहण शुरू हुआ। इसके बाद अफसर, नेता और प्राइवेट बिल्डरों ने भी यहां जमीनें खरीदनी शुरू कर दीं। इनके अलावा बड़े स्तर पर सरकारी अधिकारी भी इस मौके को भुनाने आगे आए। राम मंदिर स्थल के 5 किमी के दायरे में जमीनें खरीदी गईं। अयोध्या के डिवीजनल कमिश्नर, उप-मंडल मजिस्ट्रेट, पुलिस उप महानिरीक्षक, पुलिस के अंचल अधिकारी, राज्य सूचना आयुक्त के रिश्तेदार, विधायक और मेयर ने ये जमीनें खरीदी हैं।

 जमीन खरीदारों में इन लोगों के नाम

जमीन खरीदारों में इन लोगों के नाम

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कई अफसरों और नेताओं के नाम खोले हैं, जिन्होंने राम मंदिर के आसपास बीते 2 दो साल में जमीनें खरीदीं। अयोध्या डिवीजनल कमिश्नर एमपी अग्रवाल के ससुर केशव प्रसाद अग्रवाल ने 10 दिसंबर, 2020 को बरहटा मांझा में एमआरवीटी से 31 लाख रुपए में 2,530 वर्ग मीटर खरीदा। वहीं उनके बहनोई आनंद वर्धन ने भी उसी दिन उसी एमआरवीटी से 15.50 लाख में 1,260 वर्ग मीटर खरीदा।


अयोध्या विधानसभा से विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के भतीजे तरुण मित्तल ने 21 नवंबर 2019 को रेणु सिंह और सीमा सोनी से 1.15 करोड़ रुपए में बरहटा मांझा में 5,174 वर्ग मीटर जमीन खरीदी।

अयोध्या जिले में गोसाईगंज से विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ने भी 18 नवंबर 2019 को बरहटा मांझा में 2,593 वर्ग मीटर प्लॉट एमआरवीटी से 30 लाख रुपए में खरीदा। 16 मार्च 2021 को उनके बहनोई राजेश कुमार मिश्रा ने बरहटा माझा में 6320 वर्ग मीटर प्लॉट 47.40 लाख रुपए में खरीदा।

अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने फैसले से दो महीने पहले 18 सितंबर, 2019 को हरीश कुमार से 30 लाख रुपये में 1,480 वर्ग मीटर जमीन खरीदी। 9 जुलाई, 2018 को, परमहंस शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रबंधक के रूप में उन्होंने रमेश से दान के रूप में अयोध्या के काजीपुर चितवन में 2,530 वर्ग मीटर का अधिग्रहण किया।

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    मुख्य राजस्व अधिकारी ने भी ली जमीन

    मुख्य राजस्व अधिकारी ने भी ली जमीन

    20 जुलाई 2018 से 10 सितंबर 2021 तक अयोध्या के मुख्य राजस्व अधिकारी रहे पुरुषोत्तम दास गुप्ता के साले अतुल गुप्ता की पत्नी तृप्ति गुप्ता ने 12 अक्टूबर 2021 को बरहटा मांझा में 1,130 वर्ग मीटर जमीन 21.88 लाख में खरीदी।

    26 जुलाई 2020 से 30 मार्च 2021 के बीच पुलिस उप महानिरीक्षक, डीआईजी के पद पर रहे दीपक कुमार (अब अलीगढ़ के DIG) की पत्नी की बहन महिमा ठाकुर ने 1 सितंबर, 2021 को बरहटा मांझा में 1,020 वर्ग मीटर जगह एमआरवीटी से 19.75 लाख रुपए में खरीदी।

    अयोध्या में एसडीएम के पद पर रहे आयुष चौधरी की चचेरी बहन शोभिता रानी ने 28 मई 2020 को अयोध्या के बिरौली में 5,350 वर्ग मीटर को आसाराम से 17.66 लाख में खरीदा।

    राज्य ओबीसी आयोग के सदस्य बलराम मौर्या ने 28 फरवरी, 2020 को गोंडा के महेशपुर में जगदंबा और त्रिवेणी सिंह से 50 लाख में 9,375 वर्ग मीटर जमीन खरीदी।

    राज्य सूचना आयुक्त हर्षवर्धन शाही की पत्नी संगीता और बेटे सहर्ष ने 18 नवंबर, 2021 को अयोध्या के सरायरासी मांझा में 929.85 वर्ग मीटर जमीन इंद्र प्रकाश सिंह से 15.82 लाख रुपए में खरीदी।

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