मिर्जापुर: ताकत दिखाने के चक्कर में 4 लड़कों ने तोड़ दी राजीव गांधी की गर्दन
यूपी के मिर्जापुर में शनिवार को कुछ अराजक तत्वों द्वारा राजीव गांधी की मूर्ति तोड़े जाने के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के अंदर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
मिर्जापुर। यूपी के मिर्जापुर में शनिवार को कुछ अराजक तत्वों द्वारा राजीव गांधी की मूर्ति तोड़े जाने के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के अंदर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस ने बताया कि इन चारों युवकों ने पहले एक-दूसरे में किसमे कितना है दम की बात करते हुए शर्त लगाई और फिर ताकत दिखाने के लिए पार्क में लगे पूर्व प्रधानमंत्री की मूर्ति को तोड़ दी। बता दें कि शनिवार को राजीव गांधी की मूर्ति टूटने के बाद से ही प्रदेश भर में इसकी तीखी आलोचना हुई थी और कांग्रेस इस मामले में लगातार योगी सरकार को कटघरे में खड़े कर रही थी।

कांग्रेस ने योगी सरकार पर लगाया था मूर्ति तोड़वाने का आरोप
शनिवार की रात आवास विकास पार्क में लगी पूर्व पीएम राजीव गांधी की मूर्ति को तोड़कर कुठ युवकों ने पास के नाले में फेंक दिया था। रविवार की सुबह जानकारी होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की। मूर्ति तोड़ने का मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया। सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने प्रदेश सरकार के इशारे पर मूर्ति तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने मामले का खुलासा करने के लिए सीओ सिटी संजय सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच , कटरा कोतवाली व विंध्याचल थाना प्रभारी की टीम गठित की।

पहले हाथ से मारा, फिर ईंट और आखिर में उठाया पत्थर
एसपी ने बताया कि बीट कांस्टेबल के द्वारा इकट्ठा की गयी जानकारी से पता चला कि शनिवार की रात साढ़े दस बजे लाइट नहीं थी। इस दौरान कुछ युवक पार्क में टहल रहे थे। युवको आपस में बात किया कि देखते है किसमे कितना दम है, कौन मूर्ति को गिरा सकता है। जिसके बाद एक ने पहले हाथ से मूर्ति पर मारा, फिर आरोपित अजय द्विवेदी ने ईट से मारा फिर भी मूर्ति नहीं टूटी। तब जाकर संदीप तिवारी ने पत्थर से वार किया। मूर्ति टूटने के बाद उसे छिपाने के लिए नाले में फेंक दिया गया। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने सर्विलांस आदि की सहायता से इनके लोकेशन की जानकारी ली तो इन युवको के बारे में पता चला। मंगलवार की दोपहर में मुखबिर से सूचना मिली कि पांचों ट्रेन पकड़कर भागने की फिराक में है। क्रांइम ब्रांच और कटरा कोतवाली पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। टिकट खरीद रहा एक आरोपित मौका पाकर फरार हो गया। पुलिस ने मूर्ति तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया गया पत्थर, आरोपितो के पास से चार मोबाइल फोन व दो हजार नकदी बरामद किया।

मूर्ति तोड़ने के पीछे नहीं है कोई राजनीतिक कारण
मामले के खुलासे के दौरान डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मूर्ति तोड़ने में कोई राजनीतिक कारण नहीं है। कुछ मनबढ़ युवको ने इसे अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार युवको को भी न तो कोई पुराना आपराधिक इतिहास
है न ही किसी राजनैतिक पार्टी से कोई संबंध है। मूर्ति तोड़ने वालो में गिरफ्तार आरोपितो में अजय द्विवेदी निवासी जेपी पुरम कालोनी, आवास विकास कालोनी के संदीप कुमार तिवारी, शिवम शर्मा, राहुल गौतम है। फरार आरोपित में विपिन पांडेय निवासी कतवारू का पुरा कोतवाली कटरा है।
आरोपितो को गिरफ्तार करने वाली टीम
प्रदेश स्तर तक राजनीतिक मुद्दााने पूर्व पीएम की मूर्ति तोड़ने के मामले में पुलिस और क्राइमा्रांच की टीम की भूमिका सराहानीय रही। टीम को डीआईजी ने 12 हजार और एसपी ने पांच हजार का पुरस्कार दिया। टीम में कटरा कोतवाली प्रभारी श्रीकांत राय, क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय प्रताप, सर्विलांस प्रभारी विनोद दुबे, योगेश यादव, , कांस्टोल, धीरेंद्र श्रीवास्तव, अजय सिंह, मिथिलेश यादव, धर्मराज यादव, संजय कुमार, भूपेंद्र सिंह, अरविंद्र यादव, जय प्रकाश यादव, वीरेंद्र सरोज आदि रहे।












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