'शादी में हो जाता टकराव...', मायावती ने बताई सुरेंद्र सागर को BSP से निकालने की वजह
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती इन दिनों चर्चा में हैं। दो मामलों को लेकर मायावती की चर्चा हो रही है। पहला मामला पूर्व सांसद मुनकाद अली के लड़के के शादी में लोगों को जाने से रोकने का है और दूसरा मामला सपा विधायक की बेटी की बसपा के पूर्व मंत्री के बेटे से शादी का है।
दोनों ही मामला जब तूल पकड़ा और मीडिया में खबर चलने लगी तो इस मामले में मायावती द्वारा खुद सफाई दी गई है। उन्होंने बताया कि किस कारण से उनके द्वारा अपने पार्टी के दिग्गज नेता को पार्टी से बाहर किया गया। खुद उन्होंने एक्स पर मैसेज पोस्ट को इसकी जानकारी दी।

सपा विधायक की बेटी से शादी बनी वजह?
दरअसल, बहुजन समाज पार्टी से लंबे समय से जुड़े रहे और पांच बार रामपुर के जिला अध्यक्ष और बसपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे सुरेंद्र सागर को बहुजन समाज पार्टी ने पार्टी से बीते दिनों निष्कासित कर दिया। यह ठीक उस समय हुआ जब उन्होंने अपने बेटे की शादी की थी।
ऐसे में दावा किया जाने लगा कि सुरेंद्र सागर द्वारा अपनी बेटे अंकुर सागर की शादी समाजवादी पार्टी के नेता और अंबेडकर नगर के आलापुर विधानसभा सीट से विधायक त्रिभुवन दत्त की बेटी कुसुम दत्त से की। इसी बात से नाराज होकर मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया।
शादी के बाद पार्टी से बाहर निकाले जाने को लेकर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर बहस छिड़ गई। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर लोगों द्वारा तरह-तरह के कमेंट किए जाने लगे। कुछ लोग मायावती के फैसले को सही तो कुछ लोग गलत बताने लगे।
इस बीच खुद मायावती ने मामला तूल पकड़ने के बाद शुक्रवार रात में सोशल साइट एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए पूरे मामले पर सफाई दी। उन्होंने सोशल साइट पर लिखा "अवगत कराना है कि श्री मुनकाद अली, BSP Ex-MP के लड़के की शादी में, पार्टी के लोगों को इसलिए रोका गया, क्योंकि इनकी लड़की मीरापुर से सपा से विधानसभा का उपचुनाव लड़ रही थी, उनके खिलाफ BSP भी यह उपचुनाव लड़ रही थी। ऐसे में, शादी में दोनों पार्टियों के लोगों के आपस में टकराने की आम चर्चा थी, उससे बचाने के लिए पार्टी को फिर मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा, लेकिन इसे दूसरे तरीके से जो प्रचारित किया जा रहा है, यह ठीक नहीं।"
"इसी प्रकार रामपुर जिले का पूर्व पार्टी अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सागर व इसके बाद पार्टी अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार का इनसे आपसी झगड़ा चरम पर था, जिससे पार्टी के कार्य सफर कर रहे थे, तब फिर दोनों को एक साथ निकाला गया, जिसका शादी-विवाह का कोई सम्बन्ध नहीं। अर्थात् कौन किस पार्टी के लोगों के साथ अपना रिश्ता बना रहा है उसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। लोग स्वतंत्र हैं जहाँ चाहें वहाँ रिश्ता करें। यह सब उनकी सोच पर निर्भर करता है। लेकिन ऐसे लोगों से ज़रूर सर्तक रहें जो इसका भी गलत प्रचार कर रहे हैं।"












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