सुप्रीम कोर्ट को ठेंगा दिखा मायावती ने मुसलमानों से बसपा को वोट करने को कहा
बाराबंकी में बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को ठेंगा दिखाते हुए मुसलमानों को बसपा को वोट करने को कहा।
बाराबंकी। जाति-धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने खुलकर मुसलमानों से बसपा को वोट देने की अपील की है। मायावती ने कहा कि बाराबंकी में जोभी मुस्लिम समाज के लोग सपा को वोट देते हैं वह ना सिर्फ बेकार हो जाएगा बल्कि इसका सीधा फायदा भाजपा को होगा। ऐसे में मुस्लिम समाज को अपना वोट सपा को ना देकर बसपा को ही देना है। मायावती ने कहा कि बसपा का दलित वोटबैंक एकजुट है और भाजपा को हराने के लिए एकजुट है, ऐसे में मुस्लिम समाज का वोट इसमें जुड़ जाने से भाजपा को इसका नुकसान होगा और प्रदेश में कभी भी काबिज नहीं हो पाएगी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस और सपा के गठबंधन पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 37 वर्षों तक जबकि केंद्र में 54 वर्ष तक राज किया लेकिन बावजूद इसके वह प्रदेश की स्थिति को नहीं बदल पाई और प्रदेश में अपने उसूलों को ताक पर रखकर अपराध नियंत्रण के मामले में अखिलेश यादव जोकि जबरदस्त दागी चेहरा रहा है के साथ गठबंधन किया है।
मायावती ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सपा सरकार के दौरान जंगलराज ही व्याप्त रहा है, जिसके चलते यहां चोरी, डकैती, फिरौती, सांप्रदायिक दंगे और तनाव की घटनाएं काफी होती रही है। यही कारण है कि इस सरकार के चलते यहां असुऱक्षा व आतंक का माहौल व्याप्त रहा है। इसके साथ ही प्रदेश की जनता का सरकारी करोड़ो अरबो रुपया पार्टी के प्रचार में खर्च कर दिया गया, जिसे जनता के हित में खर्च किया जा सकता था। जो भी थोड़े-बहुत काम हुए हैं उसे बसपा सरकार ने शुरु किया था और बहुत सी योजनाओं का नाम बदल दिया गया है।
मायावती के भाषण के मुख्य अंश
- ऐसी स्थिति में सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू नहीं किया जा सकता है।
- मुस्लिम समाज के लोगों को शक के नजर से देखा जा रहा है
- हमारी पार्टी इन वर्गों के आरक्षण को बरकरार रखने के साथ अन्य वर्गों के गरीब वर्गों को आरक्षण देने की पक्षधर रही है।
- फिर ना जाने कितने रोहित वेमुला कांड होंगे इसका आप खुद ही अंदाजा लगा सकते है।
- अगर भाजपा प्रदेश में आई तो वह अपने आरएसएस के एजेंडे पर चलकर या तो आपके आरक्षण को खत्म कर देगी या फिर प्रभावहीन बना देगी।
- पिछड़े वर्ग पर आए दिन अन्यान हो रहा है, इसका उदाहरण हैदराबाद का दलित रोहित वेमुला व गुजरात का उना कांड है। प्राइवेट सेक्टर में इन पिछड़े वर्गों के आरक्षण को खत्म कर दिया है।
- आरएसएस के एजेंडे पर चलकर केंद्र सरकार पिछड़े वर्गों की सरकारी नौकरी में आरक्षण को अभी तक प्रभावहीन बनाया हुआ है।
- भाजपा सरकार दलितों के आरक्षण को खत्म करना चाहती है पहले चरण में बसपा को झमाझम वोट पड़ा, हमें पश्चिमी यूपी में हमें बहुत सी सीट मिलने वाली है।












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