गेस्ट हाउस कांड में शामिल पुलिस अफसर को डीजीपी बनाकर मेरी हत्या के फिराक में है बीजेपी- मायावती
लखनऊ। राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन के बावजूद मिली हार के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने शनिवार को बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बसपा अब अपनी नई रणनीति पर काम करेगी। बीजेपी की अराजकता जारी है इसलिए लोकसभा उपचुनाव में बसपा ने सपा का समर्थन किया, इसलिए बीजेपी को गोरखपुर और फूलपुर में दिन में तारे नजर आए। बीजेपी पर करारा हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि गेस्ट हाउस कांड में शामिल एक पुलिस अफसर को योगी सरकार ने डीजीपी बना दिया। इससे साफ जाहिर है कि दलितों के लिए जारी आंदोलन को खत्म करने के लिए बीजेपी मेरी हत्या करवाना चाहती है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने गेस्ट हाउस कांड पर बीजेपी को घेरा। मायावती ने कहा कि जिस वक्त यह घटना हुई थी उस वक्त अखिलेश राजनीति में नहीं थे। इसलिए इस संबंध में उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
क्या था गेस्ट हाउस कांड
सपा और बसपा ने 256 और 164 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ा। सपा अपने खाते में से 109 सीटें जीतने में कामयाब रही जबकि 67 सीटों पर हाथी का दांव चला। लेकिन दोनों की ये रिश्तेदारी ज्यादा दिन नहीं चली। साल 1995 की गर्मियां दोनों दलों के रिश्ते खत्म करने का वक्त लाईं। इसमें मुख्य किरदार गेस्ट हाउस है। वो दौर था जब मुलायम यादव की सरकार थी और बसपा ने समर्थन किया था लेकिन वो सरकार में शामिल नहीं हुई थी। साल भर ये गठबंधन चला और बाद में मायावती की भाजपा के साथ तालमेल की खबरें आईं जिसका खुलासा आगे चलकर हुआ।
कुछ ही वक्त बाद मायावती ने अपना फैसला सपा को सुना दिया। इस फैसले के बाद मायावती ने गेस्ट हाउस में अपने विधायकों की बैठक बुलाई थी। सपा के लोगों को किसी तरह इस बात की जानकारी मिल गई कि बसपा और भाजपा की सांठ-गांठ हो गई है और वो सपा का दामन छोड़ने वाली हैं। बड़ी संख्या में सपा के लोग गेस्ट हाउस के बाहर जुट गए। और कुछ ही देर में गेस्ट हाउस के भीतर के कमरे में जहां बैठक चल रही थी, वहां मौजूद बसपा के लोगों को मारना-पीटना शुरू कर दिया। तभी मायावती जल्दी से जाकर एक कमरे में छिप गईं और अंदर से बंद कर लिया।












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