Mayawati: 2027 चुनाव को लेकर क्या है BSP का प्लान? जन्मदिन पर मायावती का बड़ा ऐलान, ब्राह्मणों पर भी दिया बयान
Mayawati 70th Birthday Press Conference: BSP की सुप्रीमो मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम बातें शेयर कीं। उन्होंने पार्टी की उपलब्धियों, विपक्ष की साजिशों और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
मायावती ने कहा कि उनके जीवन और राजनीतिक संघर्ष, साथ ही पिछले साल विपक्ष द्वारा उत्पन्न बाधाओं की जानकारी उनके वार्षिक पुस्तक 'Mere Sangharshmay Jivan awm BSP Movement ka Safarnama' में दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक युवाओं और भविष्य के BSP नेताओं के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।

उन्होंने कहा, 'कांग्रेस, बीजेपी और अन्य पार्टियां हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। हमें इसका जवाब देना होगा और BSP को फिर से सत्ता में लाना होगा।'
जन कल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया जा रहा जन्मदिन
मायावती ने अपने जन्मदिन पर पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'हमारे कार्यकर्ता मेरे चार कार्यकालों में लागू कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी देते हैं। ये योजनाएं सिर्फ कागज़ों में नहीं रहीं, जैसा कि कांग्रेस और बीजेपी शासनकाल में होता था। यहां तक कि केंद्र और राज्य सरकारें मेरी कई योजनाओं को सिर्फ नाम बदलकर चला रही हैं।'
दलितों और उपेक्षित वर्गों के लिए संघर्ष जारी
मायावती ने जोर देकर कहा कि वे जीवनभर उपेक्षित वर्गों के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि, 'मैं किसी के दबाव में नहीं आऊंगी और न ही पार्टी के आंदोलन को छोड़ूंगी, जिसके लिए हमारे संस्थापक कांशी राम ने अपना जीवन समर्पित किया और मुझे जिम्मेदारी सौंपी।'
विपक्ष पर तीखा हमला
मायावती ने हाल के वर्षों में कांग्रेस, बीजेपी और अन्य जातिवादी पार्टियों की साजिशों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि,
'इनका उद्देश्य हमारी पार्टी के आंदोलन को कमजोर करना है। इसे मजबूत जवाब देना होगा ताकि BSP पूरे देश में फिर से शक्ति हासिल कर सके।'
उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों को चेताया कि विंटर सेशन के दौरान केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि SP और कांग्रेस के ब्राह्मण नेताओं ने भी अपनी उपेक्षा पर चिंता जताई। मायावती ने कहा कि उनकी सरकार में सभी समुदायों को उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व मिला था। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि 'मैं 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी मेहनत करूंगी। पार्टी के कैडर को किसी भी तरह के भ्रम में नहीं रहना चाहिए।'
SP शासनकाल की काले दिन की याद
मायावती ने याद दिलाया कि समाजवादी पार्टी के शासन में गुंडों और माफियाओं का राज था, जिसमें दलित सबसे अधिक प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि 'जब BSP ने 2 जून 1995 को लखनऊ गेस्ट हाउस में SP से गठबंधन तोड़ा, तब हजारों SP गुंडों ने मुझे मारने की नीयत से हमला किया। उनकी सरकार केवल अपनी जाति के लोगों को लाभ पहुंचाती थी, मुस्लिम समुदाय भी प्रभावित हुआ। यही उनके कथित PDA का सच है।'












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