बंगाल में रह रहे पूर्वाचल के लोगों को साधेंगी ममता, दीदी के मिशन यूपी से बढ़ेगी BJP की टेंशन
लखनऊ, 25 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सारी राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे को घेरने में जुट गई हैं। गोवा के साथ ही यूपी में भी वो पीएम मोदी को काउंटर करती नजर आएंगी। तृणमूल कांग्रेस इसकी तैयारी में जुटी हुई है। तृणमूल के सूत्रों की माने तो नवंबर के पहले सप्ताह से वो यूपी में फोकस करेंगी। इसके लिए उनके कार्यक्रमों का खाका तैयार किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि अब दीदी उत्तर प्रदेश के उन लोगों पर फोकस कर रही हैं जो पश्चिम बंगाल में रह रहे हैं और जिन्होंने उनकी जीत में अहम भूमिका अदा की थी। तृणमूल के प्रदेश पदाधिकारियों की माने तो आने दीपावली के बाद ममता बनर्जी का पूरा फोकस यूपी पर होगा और उनके कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

दीपावली के बाद यूपी पर फोकस करेंगी ममता
पश्चिम बंगाल में बीजेपी को धूल चटाने के बाद ममता का पर फोकस अब यूपी चुनाव पर है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की उन्होंने लखीमपुर खीरी कांड के बाद पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल खीरी भेजा था। जिससे यूपी में ये सियासी संदेश गया की वो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को भी पूरी गंभीरता से लेंगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राय कहते हैं कि, पार्टी पूरी तरह से तैयारियों में जुटी है। ये सही है की तृणमूल कांग्रेस पूरी गंभीरता से ये चुनाव लडेगी। दीदी केवल पूर्वांचल ही नहीं पूरे यूपी में चुनावी रैलिया करेंगी जिसका खाका तैयार किया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में रहने वाले पुर्वांचालियों पर नजर
उत्तर प्रदेश के लोग बहुत बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल में रहते हैं। उन्हें साधने के लिए पूर्वांचल में ममता दीदी 20 से ज्यादा जनसभाएं करेंगी। खासतौर से ममता की रैलियां उन उन जगहों पर लगाई जाएंगी जहां पीएम मोदी की रैलियां होंगी। पीएम मोदी को दीदी उसी अंदाज में जवाब देती नजर आएंगी जैसा उन्होंने पश्चिम बंगाल में किया था। बीजेपी के पूरी ताकत लगाने के बावजूद ममता बनर्जी ने बीजेपी को विधानसभा चुनाव हरा दिया था।

पीएम को टारगेट करने के पीछे ममता की सोची समझी रणनीति
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित ममता अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को अपने लिए बड़े प्लेटफार्म के तौर पर देख रही हैं। पार्टी के सूत्रों को माने तो पीएम मोदी को दीदी लगातार टारगेट करेंगी। जिस जिले में मोदी की रैली होगी इस जिले में दीदी की रैली होगी और वो जनसभा के माध्यम से पीएम पर लगातार हमला बोलेंगी और बीजेपी को इस बात के एहसास दिलाएंगी कि मोदी, अमित शाह की पूरी ताकत लगन के बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने किस तरह से पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज की थी।

सपा के साथ हुआ गठबंधन तो दीदी को मिलेगी ताकत
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों की माने तो पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने दीदी का समर्थन किया था। अब ममता बनर्जी उत्तर प्रदेश में सपा के साथ गठबंधन कर सकती हैं। हालांकि तृणमूल को यूपी में सपा कितनी सीटें देगी ये बड़ा सवाल है लेकिन सपा के साथ गंधबन्धन हुआ तो ममता की रैलियो में भीड़ भी देखने को मिलेगी और खुद अखिलेश यादव भी ममता के साथ मंच शेयर करते दिखाई दे सकते हैं।

पीएम मोदी को निशाने पर रखकर 2024 के लिए थर्ड फ्रंट की कवायद
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को अवसर के तौर पर देख रही ममता अपने आप को पीएम मैटेरियल और मोर्चे की संभावित नेता के तौर पर भी पेश करेंगी। इसकी वजह भी है कि ममता ही एक यैसी मुख्यमंत्री हैं जिसका किला बीजेपी चाह कर भी नहीं भेद पाई है। ममता एक विजेता के तौर पर अपने आपको पीएम मोदी के सामने पेश कर सकती हैं और बीजेपी की दुखती रग पर हाथ रख सकती हैं।

अखिलेश के साथ भी रथ पर सवार हो सकती हैं ममता
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले ममता भी मोदी को काउंटर करने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती हैं। पदाधिकारियों की माने तो गठबंधन को लेकर कई दौर की बातचीत अखिलेश से हुई है। यदि अखिलेश के साथ गठबंधन हुआ तो ममता सपा के समाजवादी विजय यात्रा के रथ पर अखिलेश के साथ दिखाई दे सकती हैं। सपा के सूत्रों की तो इस बात की संभावना है कि ममता अखिलेश के साथ सपा के रथ पर अखिलेश की पत्नी और पूर्व सांसद डिंपल यादव और राज्यसभा सांसद जया बच्चन के साथ दिख सकती हैं। सपा को लगता है कि ममता जब मोदी को यूपी में आकर काउंटर करेंगी तो इसका सपा को फायदा हो सकता है। हालांकि तृणमूल को सपा कितनी सीटें देगी अभी यह तय नहीं है।












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