Maha Kumbh 2025: अगर नहीं कर पाए प्रयागराज संगम स्नान, तो न हों परेशान, यह खबर आपके लिए है!

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां अब तक 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। लेकिन कई ऐसे श्रद्धालु भी हैं जो किसी कारणवश महाकुंभ में स्नान नहीं कर सके।

ऐसे लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए योगी सरकार ने उनके लिए त्रिवेणी के जल से पुण्य स्नान कराने की अनूठी योजना बनाई है। योगी सरकार के निर्देशानुसार अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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इसके तहत संगम का पवित्र जल प्रदेश के 75 जिलों में भेजा जाएगा, ताकि वहां के लोग अपने स्थान पर ही इस जल से स्नान कर सकें और महाकुंभ के पुण्य लाभ का हिस्सा बन सकें। यह पहली बार है जब सरकार संगम के जल को श्रद्धालुओं के घर तक पहुंचाने की ऐतिहासिक पहल कर रही है।

त्रिवेणी के जल की होगी घर-घर डिलीवरी

अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग ने शुक्रवार को इस विशेष अभियान की शुरुआत की। प्रयागराज महाकुंभ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं दमकल गाड़ियों को संगम के जल से भरा गया है। अब इन दमकलों के माध्यम से त्रिवेणी का जल प्रदेश के 75 जिलों में भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने प्रयागराज दौरे के दौरान यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि जो श्रद्धालु महाकुंभ में किसी कारणवश स्नान नहीं कर सके, उन्हें संगम का पवित्र जल उपलब्ध कराया जाए। अब सरकार की इस अनूठी पहल से दूर-दराज के लोगों को भी त्रिवेणी के जल से पुण्य लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

कैदियों को भी मिला महाकुंभ स्नान का अवसर

सरकार की इस पहल के तहत जेल में बंद कैदियों को भी पहली बार त्रिवेणी के जल से स्नान करने का अवसर दिया गया। प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद 90,000 से अधिक बंदियों के लिए संगम का जल विशेष रूप से पहुंचाया गया, ताकि वे भी पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने जेल में बंद कैदियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें भी महाकुंभ में शामिल होने का अनुभव दिया।

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 300 से अधिक दमकल गाड़ियों को संगम के जल से भरा गया है। एक दमकल में औसतन 5000 लीटर पानी आता है, इस हिसाब से 5 लाख लीटर से अधिक संगम जल प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जा चुका है।

विभिन्न जिलों में पहुंचने के बाद संगम के जल को स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सहायता से श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन इस जल का वितरण मंदिरों, धार्मिक स्थलों और विशेष शिविरों के माध्यम से करेगा, ताकि लोग इस जल से स्नान कर सकें और महाकुंभ का आध्यात्मिक अनुभव ले सकें।

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