Maha kumbh 2025: महाकुंभ में नाविक ने कमाए 30 करोड़! अखिलेश ने उठाए सवाल, संजय निषाद ने दिया करारा जवाब
Maha kumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ में एक नाविक परिवार द्वारा 30 करोड़ रुपये की कमाई करने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर सियासी घमासान मच गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कमाई की जांच की मांग करते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षण में श्रद्धालुओं के साथ लूट की जा रही है और नाविक के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच होनी चाहिए।
इस बयान के बाद निषाद पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अखिलेश यादव के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे निषाद समाज का अपमान बताया और कहा कि सपा पिछली बार आधी रह गई थी, लेकिन इस बार पूरी तरह साफ हो जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान दावा किया था कि एक नाविक परिवार ने महाकुंभ के दौरान 130 नावों से 30 करोड़ रुपये की कमाई की है। इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें यह दावा किया गया कि संबंधित नाविक का आपराधिक इतिहास है। उन्होंने सरकार से इस दावे की सत्यता की जांच की मांग की।
सपा अध्यक्ष ने सरकार से पूछा कि अगर यह सच है तो उस कमाई पर कितना जीएसटी वसूला गया? उन्होंने इस मामले को श्रद्धालुओं से ठगी करार देते हुए कहा कि यह सरकार महाकुंभ की कमाई का सही हिसाब नहीं दे रही है।
फूलों के कचरे में सिक्के ढूंढने की तस्वीर पर तंज
अखिलेश यादव ने एक और पोस्ट में फूलों के कचरे में सिक्के ढूंढते हुए लोगों की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि कोई करोड़ों की कमाई की कहानी सुना रहा है और इधर कोई सिक्के तलाश रहा है गंदगी के अंबार में। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के सिर पर कर्ज का बोझ डाल रही है और महाकुंभ की कमाई का सही हिसाब नहीं दे रही।
संजय निषाद ने किया पलटवार
अखिलेश यादव के लगातार हमलों का जवाब देते हुए मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान श्रद्धालु अपनी श्रद्धा से नाविकों को धन देते हैं, इसे लूट बताना निषाद समाज का अपमान है। संजय निषाद ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश को नाविकों की कमाई तो दिख रही है, लेकिन समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुई काली कमाई क्यों नहीं दिखती?
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में पिछड़ों के आरक्षण का सबसे ज्यादा लाभ सिर्फ एक विशेष वर्ग ने लिया। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी को निषादों की तरक्की पसंद नहीं आ रही, इसलिए वह ऐसे सवाल उठा रही है।












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