यूपी में मदरसों ने नहीं माना सीएम योगी का स्वतंत्रता दिवस का फरमान!
मदरसा संचालक मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफी ने राष्ट्र गान में सिंधु शब्द पर आपत्ति जताते हुए इसमे संशोधन की मांग की है।
मेरठ/कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के बाद उसके अनुसार कानपुर के मदरसों में 71वां स्वतंत्रता दिवस आधे-अधूरे ढंग से मनाया गया। मदरसों में झंडारोहण किया गया। शांति का पैगाम देते हुये कबूतर उड़ाए गए लेकिन राष्ट्र गान नहीं गाया गया। उसकी जगह सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तान हमारा, गाया गया। मदरसा संचालक मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफी ने राष्ट्र गान में सिंधु शब्द पर आपत्ति जताते हुए इसमें संशोधन की मांग की है।
मौलाना ने की सीएम योगी के फरमान की आलोचना
मौलाना ने कहा कि राष्ट्र गान में सिंध को शामिल किया गया है जो पाकिस्तान में है, हम सिंध का गुण गान नही कर सकते। हम भारत का गुणगान करते हैं। वहीं मौलाना ने कहा कि हम कयामत तक वंदे मातरम् नहीं कहेंगे, हम ज़मीन की हिफाज़त कर सकते हैं, इबादत नहीं कर सकते, इबादत हम सिर्फ अल्लाह की करते हैं।

मेरठ में भी नहीं गाए गए राष्ट्र गीत
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी मदरसों में राष्ट्र गान, राष्ट्र गीत गए जाने और उसकी वीडियोग्राफी कराए जाने का फरमान जारी किया था लेकिन मेरठ के मदरसों में प्रदेश सरकार का ये फरमान बेमानी दिखाई दिया। न तो मेरठ के मदरसे में राष्ट्र गीत गाया गया और न ही वीडियोग्राफी हुई । देश की आज़ादी की 71वीं सालगिरह के मौके पर जहां देश भर में धूम दिखाई दे रही है वहीं मेरठ के मदरसों में भी ये दिन जोश के साथ मनाया गया।
इस तरह मेरठ के मदरसे में मना स्वतंत्रता दिवस
दरअसल, सूबे की योगी सरकार के मदरसों में तिरंगा फहराने और राष्ट्र गीत गाने के दौरान वीडियोग्राफी कराए जाने को लेकर मुस्लिम समाज में दबी जबान में विरोध दिखाई दे रहा है । मेरठ के सदर बाज़ार स्थित मदरसा इमदादुल इस्लाम में स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान तिरंगा फहराकर सलामी भी दी गई और राष्ट्र गान भी गाया गया लेकिन इस पूरे कार्यक्रम में राष्ट्र गीत गायब रहा।
मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना शाहीन जमाली ने कहा कि आजादी की जंग में सैकड़ों मुसलमानों ने अपनी जान गंवाई और उनके बलिदान का आजादी पाने में महत्वपूर्ण योगदान है लेकिन जिस तरीके से सूबे की योगी सरकार ने अन्य विद्यालयों को छोड़कर सिर्फ मदरसों के लिए राष्ट्र गीत गए जाने और उसकी वीडियोग्राफी कराने का फरमान जारी किया है, वह सूबे की सरकार की सोच पर एक सवालिया निशान जरूर लगाती है। साथ ही, मदरसा प्रिंसिपल ने कहा कि मुसलमानों को इस बात से कोई ऐतराज नही है लेकिन ऐसा आदेश सरकार को नहीं देना चाहिए।












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