सैय्यद तौहीद आलम नजवी : कोरोना काल में बने लोगों के मसीहा, बच्चों को सुरक्षित रखने की है ये तैयारी
लखनऊ, 12 जून। कोरोना की दूसरी लहर में जब अपने ही अपनों के काम नहीं आ रहे थे,लोग सड़कों पर ऑक्सीजन न मिलने के कारण दम तोड़ रहे थे। सरकार और जिला प्रशासन चिकित्सा सुविधाएं न होने का रोना रोकर अपने हाथ खड़े कर रहा था उसी समय अल्लाह के एक नेक बंदे का दिल पसीजा। फिर क्या था उन्होंने लोगों की जान बचाने की ठान ली और जुट गए और दर्जनों लोगों को नई जिंदगी दी। ये मसीहा लखनऊ जामा मस्जिद के मौलवी सैय्यद तौहीद आलम नजवी हैं जिन्होंने लखनऊ की गंगा जमुनी तहजीब का उदाहरण पेश कर बिना किसी भेदभाव के कोरोना काल में हर धर्म के लोगों की मदद की। कोरोना पीडि़त परिवारों के लिए मसीहा बने सैय्यद तौहीद आलम नजवी की बदौलत कोविड में सैकड़ों बेसहारा हुए परिवारों का पेट पल रहा है। लखनऊ कपूरथला जामा मस्जिद के सैय्यद तौहीदआलम नजवी ने वन इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत की। आइए जानते हैं उनके इस नेक पहल की पूरी कहानी उन्हीं की जुबानी....

अल्लाह के बंदे ने लोगों के दर्द को किया महसूस
जामा मस्जिद के इमामो खतीब सैय्यद तौहीद आलम नजवी ने बताया अप्रैल महीने में जब कोरोना से हर दिन लोग लखनऊ में इलाज के अभाव में जान गवां रहे थे, लोगों के रोते बिलखते चेहरे देख कर मुझे लगा कि इनके लिए कुछ करना होगा। मैं इमाम हूं, मुझे लगा कि इस समय लोगों की जान बचाना हमारा कर्तव्य है और ये ही अल्लाह की सच्ची सेवा होगी। इसके बाद मैंने अप्रैल महीने में एक दिन शुक्रवार की नवाज जिसमें अधिक संख्या में लोग जुटते है उस दिन मैंने मस्जिद में लोगों से अपील की कि कोरोना मरीजों की मदद के लिए कुछ करना होगा और मानवता की सेवा के लिए लोगों से आगे आने की अपील की।

कोरोना के पीक समय में ऑक्सीजन सिलेंडर देकर बचाई लोगों की जान
सैय्यद तौहीद आलम नजवी एक अपील पर कई कोरोना मरीजों की मदद के लिए कई लोग मदद का हाथ बढ़ाया और फिर क्या था मस्जिद में कुछ ही दिनों में ऑक्सीजन सिलेंडर इकट्ठा हो गए और एम्बुलेंस आकर खड़ी हो गई। इसके बाद मस्जिद से ही ऐलान किया गया कि जरूरतमंद ऑक्सीजन का सिलेंडर आकर ले जाए। इमाम ने लोगों के सहयोग से कई ऐसे कोरोना पीडि़तों को ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैय्या करवाया जिनको अगर चंद घंटों में सिलेंडर न मिलता तो वो शायद ही बच पाते। मस्जिद के इमाम ने बिना भेदभाव के सबकी मदद की। 65 वर्षीय नरेश दूबे, योगेश मिश्रा के ससुर समेत सैकड़ों मरीजों को समय पर ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर मुहैय्या करवाया और जान बचाई।

कोरोना मृतकों का करवाया विधिवत अंतिम संस्कार
सैय्यद तौहीद आलम नजवी ने न केवल मरीजों की मदद की बल्कि लखनऊ में जब शमशान घाट और कब्रिस्तान लाशों से पटे पड़े थे उस समय उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर सैकड़ों की संख्या में कोरोना मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार करवाया। मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार उनके धर्म के रिति-रिवाजों के अनुसार करवाया गया। ऐसे कई परिवार थे जिनके परिवारों में कोई लाश को कंधा देने वाला नहीं था उन परिवारों की मदद उनकी टीम के नेक बंदों ने की और उनके जनाते को कंधा दिया।

कोरोना काल में लोगो में बांट रहे राशन
सैय्यद तौहीद आलम नजवी की ये सेवा अभी भी हर दिन जारी है और अप्रैल महीने से ऐसे परिवारों की मदद कर रहे हैं जिन परिवारों ने कोरोना के चलते कमाने वाला खो दिया या बेरोजगार हो गए। इमाम लोगों की मदद से जरूरतमंद परिवारों को महीने भर का राशन और जरूरत का सामान की किट दान कर रहे हैं। इनमें वो परिवार भी शामिल हैं जिन्होंने लॉकडाउन में बेरोजगार हो गए हैं।

बच्चों को सुरक्षित रखने की है ये तैयारी
सैय्यद तौहीद आलम नजवी ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही हैं, अल्लाह न करे ऐसा हो लेकिन हमने बच्चों को सुरक्षित करने की अभी से तैयारी कर ली है। मौलवी ने बताया कि उन्होंने छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर एकत्र कर लिए हैं जिसे मांए आसानी से हैंडल कर सके, बच्चों के लिए दूध, दवाइयां का भी प्रबंध कर लिया गया हैं। इसके अलावा मास्क, पीपीटी किट समेत अन्य सामान लोगों में बंटवाए जा रहे हैं और कोरोना से बचाव के सारे नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए लगातार लोगों को संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा मदद करने के बाद परिवार के सदस्यों के चेहरे पर जो मुस्कान होती है वो सबसे बड़ा सुख देती हैं। सैय्यद तौहीद आलम नजवी ने अपनी इस पहल से ये साबित कर दिया है कि जहां चाह है वहां राह अपने आप बनती जाती है।












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