Lucknow Murder New: महंगे स्मार्टफोन के लिए खूनी षड्यंत्र! डिलीवरी एजेंट का घोंटा गला, फिर ऐसे ठिकाने लगाई लाश
Lucknow Delivery Boy Murder: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शख्स ने महंगे स्मार्टफोन हथियाने के लिए खूनी षड्यंत्र रचा। पहले करीब 1 लाख से अधिक कीमत के स्मार्टफोन ऑनलाइन ऑर्डर किए। फिर, जब 30 वर्षीय डिलीवरी ब्वॉय घर डिलीवरी करने पहुंचा तो, उसे बंधक बना लिया।
आरोपी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर डिलीवरी ब्वॉय को जमकर पीटा। उसके बाद, हत्या करके उसी के डिवीलरी बैग में ठूंस कर लाश को ठिकाने लगा दिया। आरोपी ने इतनी सफाई से, घटना को अंजाम दिया कि पुलिस अभी तक लाश की तलाश में जुटी है। आइए जानते हैं पूरी घटना सिलसिलेवार....

घटना 23 सितंबर 2024 की है। चिनहट में हार्डवेयर दुकान के मालिक हिमांशु कनौजिया ने गूगल पिक्सल और वीवो स्मार्टफोन फ्लिपकार्ट (Google Pixel and Vivo Smartphone Flipkart) से ऑर्डर किया। डिलीवरी एजेंट भारत प्रजापति कैश ऑन डिलीवरी के तहत डिलीवरी करने पहुंचा। डिलीवरी के समय, कनौजिया और उसके साथियों गजानन और आकाश ने प्रजापति पर हमला किया। पहले उसे बुरी तरह पीटा गया और बंधक बनाया गया। फिर आरोपियों ने तार से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद, उन्होंने शव को डिलीवरी बैग में ठूंसकर इंदिरा नहर में फेंक दिया, ताकि सबूत छिपाया जा सके।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
प्रजापति के घरवालों ने जब वह वापस नहीं लौटे, तो 25 सितंबर को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उनके मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने गजानन का नंबर ट्रेस किया और उसके साथी आकाश को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आकाश ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया।
पूछताछ में आरोपी ने बयां किया खूनी षड्यंत्र
आरोपी आकाश ने बताया कि उसने और गजानन ने पहले से ही प्रजापति से कीमती स्मार्टफोन लूटने की योजना बनाई थी। पुलिस ने आकाश और हिमांशु कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी गजानन अभी भी फरार है। उसकी तलाश जारी है।पुलिस राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की मदद से इंदिरा नहर में उनके शव की तलाश कर रही है।
अन्य मामलों से तुलना
- 2021: बेंगलुरु में एक फूड डिलीवरी कर्मचारी की हत्या लूट के प्रयास में कर दी गई थी।
- 2022: नोएडा में एक डिलीवरी एजेंट की हत्या ग्राहकों द्वारा एक पेमंट विवाद के कारण चाकू से घोंपकर कर दी गई थी।
यह घटना एक बार फिर से यह सवाल उठाती है कि डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। कैश ऑन डिलीवरी जैसी सेवाओं का दुरुपयोग कर इस तरह के जघन्य अपराध किए जा रहे हैं, जिससे डिलीवरी एजेंटों की जान जोखिम में पड़ रही है। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के बावजूद, इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है।












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