Lok Sabha Elections 2024: यूपी की 17 सीटों पर कहां से कौन हो सकता है कांग्रेस उम्मीदवार?
उत्तर प्रदेश में काफी उठा-पटक के बाद इंडिया ब्लॉक में सीटों का बंटवारा हो जाने के बाद कांग्रेस पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के नामों की चर्चा शुरू हो गई है। सपा ने तो करीब तीन दर्जन सीटों पर पहले ही उम्मीदवार घोषित कर रखे हैं, जिसमें अब कुछ बदलाव भी करने पड़ेंगे।
अलबत्ता कुछ सीटें सपा ने कांग्रेस के लिए ऐसी छोड़ी हैं, जहां कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ने से कन्नी रही थी। लेकिन, अब गठबंधन धर्म निभाने के लिए पार्टी को उम्मीदवार देना मजबूरी बन गई है।

यूपी की 17 सीटें जहां से कांग्रेस लड़ेगी चुनाव
यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के लिए जो 17 सीटें छोड़ी हैं, उनमें अमेठी और रायबरेली के अलावा वाराणसी, कानपुर नगर, बांसगांव, फतेहपुर सीकरी, सहारनपुर, प्रयागराज, अमरोहा, महाराजगंज, बुलंदशहर, झांसी, मथुरा, सीतापुर, गाजियाबाद, बाराबंकी और देवरिया शामिल हैं।
बाकी 63 सीटों पर समाजवादी के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे या उनमें से कुछ सीटें वह अन्य सहयोगी के लिए छोड़ सकती है। इंडिया ब्लॉक की ओर से यूपी में सीटों का बंटवारा होना, बंगाल और बिहार से झटका खाए विपक्ष के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर है।
सहारनपुर से इमरान मसूद हो सकते हैं उम्मीदवार
कांग्रेस पार्टी को 17 सीटों में से अधिकतर पर प्रत्याशियों का नाम तय करने में ज्यादा परेशानी नहीं होने वाली है, फिलहालत तो यही लग रहा है। मसलन, सहारनपुर से 'बोटी-बोटी' फेम के इमरान मसूद का नाम लगभय तय माना जा रहा है, जो पिछले साल अक्टूबर में बसपा और सपा से होते हुए वापस कांग्रेस में एंट्री कर चुके हैं।
2019 में भी इमरान मसूद ही थे कांग्रेस प्रत्याशी
सहानपुर में एक-तिहाई से ज्यादा मुस्लिम आबादी है और कांग्रेस अपने लिए यह सीट बहुत ही महत्वपूर्ण मान रही थी। भाजपा के लिए भी यह सीट उतनी ही अहम है और पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव का प्रचार अभियान भी यहीं से शुरू किया था। मसूद पिछली बार भी इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार थे, लेकिन तीसरे स्थान पर रहे थे और बसपा ने यह सीट जीती थी।
इन सीटों पर भी कांग्रेस के संभावित नामों की चर्चा शुरू
इसी तरह सूत्रों के मुताबिक गांधी परिवार के करीबी पूर्व विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रताप सिंह देवरिया सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। यूपी कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि 'पार्टी को वह सीटें मिली हैं, जो उसे चाहती थी। इसे मुरादाबाद और बिजनौर जैसी मुस्लिम बहुल सीटें नहीं मिली हैं।'
झांसी से पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप कुमार जैन को कांग्रेस टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा है, वहीं बाराबंकी से पार्टी के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया के नाम की चर्चा हो रही है।
इन सीटों पर कांग्रेस नहीं लड़ना चाहती थी चुनाव!
कांग्रेस के उसी नेता का दावा है कि पार्टी गाजियाबाद, बुलंदशहर और मथुरा सीट नहीं लेना चाहती थी। लेकिन, अब उसे यहां पर भाजपा का मुकाबला करने लायक नाम की तलाश है।
उन्होंने कहा कि 'पार्टी ने श्रावस्ती के लिए काफी कोशिशें कीं, लेकिन सपा वह देने के लिए तैयार नहीं हुई।' यहां से कांग्रेस यूपी के पूर्व मंत्री और बसपा में रह चुके नसीमुद्दीन सिद्दीकी को उतारने की सोच रही थी।
वाराणसी में फिर अजय राय हो सकते हैं गठबंधन का चेहरा
समाजवादी पार्टी ने वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पहले ही सुरेंद्र सिंह पटेल के नाम की घोषणा कर रखी थी। लेकिन, अब सीट बंटवारे में यह कांग्रेस को मिली है। यहां से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सबसे प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं और कोई खास रणनीति नहीं अपनाई गई तो उनका नाम लगभग पक्का माना जा रहा है।
अमेठी-रायबरेली से कौन होगा उम्मीदवार?
जहां तक रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीटों की बात है तो सोनिया गांधी की राज्यसभा में एंट्री के बाद उनकी सीट से प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं राहुल गांधी एक बार फिर से अमेठी में भाग्य आजमाने की कोशिश कर सकते हैं। यह संकेत कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की बातों से ही मिले हैं।












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