Lok Sabha Election 2024: सपा ने बदला प्रदेश अध्यक्ष, नरेश उत्तम पटेल की जगह इस नेता को मिली जिम्मेदारी
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान समाजवादी पार्टी द्वारा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को बदल दिया गया है। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को नरेश उत्तम पटेल की जगह श्यामलाल पाल को अब प्रदेश की कमान सौंपी है।
नरेश उत्तम पटेल को समाजवादी पार्टी द्वारा फतेहपुर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है। कहा जा रहा है कि उसके बाद से ही समाजवादी पार्टी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की बात की जा रही थी। अब सोमवार को पार्टी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष का बदलाव कर दिया गया गया।

समाजवादी पार्टी के ऑफिशल एक्स अकाउंट से इसकी सूचना भी जारी की गई है। कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी द्वारा पड़ा अर्थात पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक को ध्यान में रखते हुए नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। अब देखना होगा कि श्यामलाल पाल कितना खरा उतरते हैं।
8 साल बाद पार्टी ने बदला प्रदेश अध्यक्ष: नरेश उत्तम पटेल को साल 2017 में समाजवादी पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। उस वक्त समाजवादी पार्टी में चाचा शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच तनातनी चल रही थी। उस समय शिवपाल यादव प्रदेश अध्यक्ष थे, लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें हटाकर नरेश उत्तम पटेल को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया था।
उसके बाद विधानसभा चुनाव 2017, लोकसभा चुनाव 2019 और विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान नरेश उत्तम पटेल ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। समाजवादी पार्टी द्वारा लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान नरेश उत्तम पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है। ऐसे में अब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया।
प्रयागराज के रहने वाले हैं श्यामलाल पाल: श्यामलाल पाल साल 2007 में समाजवादी पार्टी से जुड़े। सपा के नेताओं का कहना है कि श्यामलाल पाल पार्टी के प्रति समर्पित रहते हैं यही कारण है कि सपा द्वारा उनके समर्पण का इनाम देते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दो चरणों का चुनाव संपन्न हो जाने के बाद अखिलेश यादव द्वारा लिए गए इस फैसले के पीछे राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अखिलेश यादव द्वारा गैर-यादव ओबीसी अर्थात पाल जाति के नेता को प्रदेश की कमान सौंपने के पीछे पाल जाति को अपने पक्ष में साधने का प्रयास है।
पूर्वांचल के कई जनपदों में पाल जाति का वोट बैंक है। कहीं तीन फ़ीसदी तो कहीं पांच फ़ीसदी के बीच पाल जाति के लोग हैं। पाल जाति के वोटरों को अपने पक्ष में साधने के लिए लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मायावती द्वारा अयोध्या के रहने वाले विश्वनाथ पाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। ऐसे में अखिलेश यादव द्वारा भी पीडीए फार्मूले को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
खबर अपडेट की जा रही है...












Click it and Unblock the Notifications