अयोध्या-फैजाबाद क्यों हार गई भाजपा? जानें पांच बड़े कारण
Ayodhya Lok Sabha chunav Result 2024: लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के परिणाम में लोगों को अचंभित कर दिया है क्योंकि भाजपा को यहां पर बड़ा झटका लगा है। भाजपा ने यूपी में 80 लोकसभा सीटों में से आधी पर भी जीत हासिल की है। उत्तर प्रदेश की जिस लोकसभा सीट पर भाजपा की हार ने सबको चौंकाया है वो सीट अयोध्या-फैजाबाद सीट हैं।
जी हां वो ही अयोध्या नगरी जहां पर भाजपा ने भव्य राम मंदिर बनवाया और पूरे चुनाव में दावा करते रहे कि पूरे देश की जनता कह रही जो राम को लाएं हैं हम उनको लाएंगे.... लेकिन अयोध्या सीट पर भाजपा का दुर्ग ढह गया और इस चुनाव में अयोध्या समाजवादी पार्टी की हो गई है।

भाजपा ने भले ही 22 जनवरी 2023 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा करवाकर इसे चुनावी मुद्दा बनाया चुनाव के पहले और चुनाव के दौरान राम मंदिर पर जमकर राजनीति हुई लेकिन यहां की जनता से भाजपा को सिरे से नकार दिया और इंडिया गठबंधन में शामिल सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद के सिर जीत का सेहरा सजा दिया। अयोध्या में भाजपा की हार के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर क्या वो खास वजहें थी जिनके कारण भव्य राम मंदिर बनवाकर भी भाजपा अयोध्या हार गई?
पहली वजह: भाजपा ने लल्लू सिंह को अयोध्या से उम्मीदवार बनाया था जबकि लल्लू से उनके क्षेत्र के लोग ही जबरदस्त नाराज थे। भाजपा पर तो जनता को विश्वास था लेकिन उसके प्रत्याशी लल्लू सिंह पर नहीं था। जिसका परिणाम सामने है। लल्लू सिंह के प्रति लोगों को गुस्सा भाजपा की इस शर्मनाक हार के रूप में निकला है।
दूसरी वजह: अयोध्या-फैजाबाद हारने की दूसरी वजह भाजपा ने उसे चुनाव मैदान में उतारा जो पहले 10 साल से सांसद थे। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने लल्लू सिंह के बजाय किसी और भाजपा नेता को मौका देने का दबाव बनाया था लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने नहीं सुनी जिसका नजीता भाजपा को इस शर्मनाक हार के रूप में मिला है।
तीसरी वजह: अयोध्या में राम मंदिर बनवाकर भाजपा इस सीट पर जीत को लेकर आत्मविश्वास से भरी हुई थी। भाजपा पीएम मोदी के चेहरे पर जीत हासिल करने को लेकर कान्फीडेंट थी लेकिन भाजपा का अयोध्या-फैजाबाद की जनता पर ये भरोसा झूठा निकला।
चौथी वजह: लल्लू सिंह पर क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त कर उसे ऊंचे दामों में बेचे जाने का भी आरोप लग चुका है। याद रहे राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद जमीन बिक्री का मामला जमकर तूल पकड़ा था।
पांचवीं वजह: भाजपा के अयोध्या- फैजाबाद लोकसभा सीट पर चुनाव हारने की सबसे बड़ी वजह वो सपा के मुकाबले भाजपा यहां जातीय समीकरण को साधने में फेल हो गई। समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने रामनगरी अयोध्या-फैजाबाद लोकसभा सीट पर पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यकों एकजुट करने में कामयाब हो गई जो भाजपा की हार का बड़ा कारण बना। यहां पर सपा पर पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए ने वोट के रूप में जमकर प्यार बरसाया और इतनी बड़ी जीत में तब्दील हो गया।












Click it and Unblock the Notifications