फौज का सपना देख रही बहादुर बिटिया ने अकेले बचाई 5 लोगों की जिंदगी, छठे को बचाते-बचाते चली गई जान
कुशीनगर. 17 फरवरी: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के नौरंगिया गांव में शादी कार्यक्रम में कुआं पूजन के दौरान हुए हादसे में 13 की मौत हो गई। मरने वालों में 9 बच्चियां और 4 महिलाएं हैं। हादसा बुधवार को रात 9.30 बजे हुआ। हादसे में मरने वाली 13 महिलाओं में 21 साल की पूजा यादव भी शामिल हैं। पूजा ने मरने से पहले 5 लोगों की जान बचाई थी। छठे को बचाते वक्त अपनी जिंदगी से जंग हार गई। पूजा की बहादुरी की हर कोई चर्चाएं हो रही हैं।

मां समेत 5 की बचाई जान, छठे को निकाले वक्त गवां बैठी जिंदगी
हादसा बुधवार को रात 9.30 बजे हुआ। चारों तरफ अंधेरा था और चीख-पुकार थी। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे। तब तक 7 मिनट हो चुके थे। इस दौरान 5 महिलाओं की तड़पकर मौत हो गई। वहीं, 8 ने रास्ते में दम तोड़ दिया। हादसे में डूबने वालों में पूजा की मां भी थी। उसने पहले अपनी मां को बचाया। इसके बाद एक-एक कर 5 अन्य लोगों को बचाकर बाहर निकाला। छठे की जान बचाते वक्त वह खुद कुएं में डूब गई।

पूजा ने हिम्मत बांधी और कुंए से लोगों को बचाना शुरू कर दिया
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि, हदासे से हर ओर बदहवासी फैली थी। लेकिन पूजा ने हिम्मत बांधी और कुंए से महिलाओं और बच्चियों को बचाना शुरू कर दिया। पूजा पर सभी को बचाने की धुन सवार थी। लोगों ने कहा, पूजा ने जब 5 लोगों को बचाया तो लोगों को लगा वह बाकी लोगों को भी निकाल लेगी। लेकिन पूजा छठी जान बचा रही थी, तभी उसने अपना संतुलन भी खो दिया और खुद भी पानी में समा गई।

फौजी की बहादुर बिटिया ने अकेले बचाई 5 लोगों की जिंदगी
लोगों ने बताया कि, हर बार पूजा खुद को बाहर निकालने की जगह, कुएं के किनारे खड़े लोगों से कहती थी। इसे पकड़ो, इसका हाथ पकड़ो, बच्चों को ऊपर निकालो। इस तरह पूजा ने पांच लोगों को निकाला, छठे बच्चे को बचाने गई पूजा फिर वापस ना लौटी। पूजा यादव तहसीलदार शाही महाविद्यालय सिन्हा में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। पूजा के पिता बलवंत यादव सेना में हैं और दिल्ली में पोस्टेड हैं।

पूजा पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी
पूजा के अलावा उसके दो जुड़वा भाई हैं। पिता बलवंत यादव दिल्ली में पोस्टेड हैं, जबकि जुड़वा भाई क्लास नौ में पढ़ाई कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि, वह पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी। पूजा के निधन के बाद हर कोई गमगीन है। लोगों जहां उसकी बहादुरी की प्रशंसा करते थक नहीं रहे तो वहीं उसकी मौत में गमगीन हैं। पूजा के माता-पिता उसकी शादी के सपने सजा रहे थे। वहीं लोगों के बीच समय पर एंबुलेंस ना पहुंचने के लेकर काफी रोष देखने को मिला।

एंबुलेंस पहुंचे देर से
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव के लोग लगातार एंबुलेंस को फोन करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। बाद में प्राइवेट जीप और गाड़ियों में भरकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल से पुलिस स्टेशन और अस्पताल की दूरी समान है। लेकिन पुलिस कुछ ही देर में वहां पहुंच गई, जबकि एंबुलेंस को आने में काफी समय लग गया।












Click it and Unblock the Notifications