PICS: कैसे तैयार होता है योगी का कुर्ता, बड़े नाखूनों से क्या है कनेक्शन
योगी जी का कपड़ा गांधी आश्रम से खरीदा जाता है। उनके साफा, कुर्ता और दुपट्टे का कपड़ा 'रेशम मटका' का होता है। ये कपड़ा बंगाल, कर्नाटक और आसाम से आता है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर दिन प्रति दिन लोकप्रिय होते जा रहे हैं। जब से वो मुख्यमंत्री बने हैं अखबारों की हेडलाइन, चैनलों के प्राइम टाइम और सोशल मीडिया पर उनका कब्जा हो गया है। योगी के फैसले, योगी के काम करने की तरीका या फिर योगी की सोच हर वक्त ट्रेंड करता है। लेकिन इन सबके अलावा एक और चीज है जो ट्रेंड बना हुआ है। जी हां वो है योगी का कुर्ता। तो आईए आज आपको सीएम योगी के कुर्ते की खासियत बताते हैं।

नाखूनी सादा कुर्ता नाम से फेमस है योगी का कुर्ता
योगी का कुर्ता 'नाखूनी सादा कुर्ता' के नाम से फेमस है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कुर्ते को सिलने के लिए दर्जी के नाखून बड़े होने जरुरी हैं। तभी इसका नाम 'नाखूनी सादा कुर्ता' पड़ा है। योगी का कुर्ता सिलने वाले गोरखनाथ मंदिर कॉम्प्लेक्स के बुद्धिराम के अनुसार, छोटे महाराज (योगी का गोरखपुर में चर्चित नाम) जिस तरह का कुर्ता पहनते हैं, उसके सिलाई में बड़े नाखून की जरुरत पड़ती है।

क्या कहना है बुद्धिराम का
बुद्धिराम के मुताबिक उनके पास अब इस प्रकार के कुर्ते की डिमांड बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि योगी को गोल गले वाले ही कुर्ते ही पसंद हैं, और उनके कुर्ते हमेशा ही थोड़ा खुले साइज़ के रहते हैं।

ये है योगी के कुर्ते की माप
- 39 इंच- कुर्ते की लंबाई।
- 40 इंच- सीना।
- 19 इंच- कंधा।
- 22 इंच- आस्तीन (सर्दी में)
- 10 इंच- (गर्मी में)
- 17 इंच- गला

बुद्धिराम नहीं लेते हैं सिलाई का पैसा
बुद्धिराम का कहना है कि छोटे महाराज के कपड़ों की सिलाई का वे एक पैसा भी नहीं लेते हैं। उनका आशीर्वाद ही काफी है। उन्होंने बताया कि उनका दुपट्टा 44 इंच का होता है। 2 से 3 माह में 4 सेट कपड़ा बनता है। उनका साफा, कुर्ता और दुपट्टे के लिए 2.5 मीटर कपड़ा लगता है।

रेशम मटका का होता है कपड़ा
बुद्धिराम ने बताया कि योगी जी का कपड़ा गांधी आश्रम से खरीदा जाता है। उनके साफा, कुर्ता और दुपट्टे का कपड़ा 'रेशम मटका' का होता है। ये कपड़ा बंगाल, कर्नाटक और आसाम से आता है। इस कपड़े की खूबी होती है कि गर्मी में गर्मी और सर्दी में सर्दी नहीं लगती है। कपड़े की कीमत 600 से लेकर 2500 रुपए मीटर तक की होती है। उनके लिए बनने वाले कुर्ते के कपड़े की कीमत 1000 रुपए मीटर तक होती है।

सिलाई के बाद होता है कलर
आपको बता दें कि उनका कपड़ा हमेशा 'रेशम मटका' का क्रीम कलर का खरीदा जाता है। बाद में उसे गोरखपुर की ही एक लॉन्ड्री में जोगिया कलर चढ़ाया जाता है। योगी के मंदिर के खजांची उनका कपड़ा खरीदकर ले जाते हैं।

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