दो दोस्तों का घिनौना खेल, 85 हजार में कर दिया अपनी पत्नियों का सौदा
दो लोगों ने तस्करों से अपनी पत्नियों का ही सौदा कर लिया। ये लोग मोल-भाव कर अपनी पत्नियों को तस्करों के हाथों बेच चुके हैं।
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में मानव तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो लोगों को अपनी पत्नियों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने बताया है कि उन्होंने अपनी पत्नियों को तस्करों को 85000 रुपए में बेच दिया है।


पुलिस के सामने बताई पत्नियों का सौदा करने की की कहानी
बरेली के बारादरी थाना पुलिस ने प्रदीप कुमार और सोनू नाम के दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पुलिस हिरासत में सोनू ने बताया है कि उसने और प्रदीप ने अपनी-अपनी पत्नी को मानव तस्करी के दलदल में उतार दिया है।
सोनू ने बताया कि उन्होंने 85000 रुपए में अपनी पत्नियों को राजस्थान के भरतपुर ले जाकर बेच दिया। उन्होंने ये सौदा एक महिला के माध्यम से किया और पत्नियों को बेच दिया।

काम के बहाने ले गया था पत्नी को
बताया गया है कि बरेली के मढ़ीनाथ निवासी रामकुमार ने अपनी बेटी बबिता की शादी पांच साल पहले संजयनगर के प्रदीप कुमार से की थी। 15 दिन पहले प्रदीप रूद्रपुर में काम करने के बहाने अपनी पत्नी को अपने साथ ले गया था।
बीते सोमवार को प्रदीप जब अपनी एक साल की बेटी को उसके ननिहाल अकेले छोड़ने आ गया तो परिजनों को शक हुआ। बबिता के पिता को जब शक हुआ तो उसने रूद्रपुर के रंपुरा में जाकर पूछताछ की। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला की उसकी पत्नी पांच दिनों से दिखाई नहीं दी है।

ससुराल के लोगों की पूछताछ से खुला राज
प्रदीप के ससुराल के लोगों ने प्रदीप और उसके दोस्त सोनू से पूछताछ की तो पता चला कि सोनू की पत्नी निशा भी बीते कई दिनों से गायब है। बबिता के परिजन दोनों आरोपियों को पकड़कर बारादरी थाने ले आये।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि दोनों ने बदायूं जिले की निवासी पुष्पा नाम की एक महिला की मदद से राजस्थान के भरतपुर में 85000 रुपए में बेच दिया।

पुलिस नहीं दिखा रही मामले में गंभीरता
इस मामले में घटना स्थल के खेल में उलझाकर बारादरी थाना पुलिस मामला दर्ज नहीं करना चाह रही है। एसपी सिटी समीर सौरभ के अनुसार दोनों आरोपी पति पुलिस हिरासत में हैं जिसकी जानकारी रूद्रपुर के रंपुरा थाना में दे दी गयी है। एसपी मामले में जांच के बाद ही मामले मुकदमा दर्ज करने की बात कह रहे हैं।
राजस्थान में मानव तस्करी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं लेकिन पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। पूरे मामले में बरेली पुलिस की संवेदनहीनता मानव तस्करों को भी बच निकलने का वक्त दे रही है।












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