लखीमपुर खीरी कांड में कितना पॉलिटिकल माइलेज ले पाईं प्रियंका, क्या कांग्रेस के दबाव के आगे झुकी योगी सरकार

लखनऊ, 06 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आठ लोगों की मौत के बाद उठा सियासी तूफान अब धीरे धीरे थमने लगा है क्योंकि सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को लखीमपुर जाने की अनुमति दे दी है। सवाल ये है कि क्या इस कांड के बाद से ही लखीमपुर जाने पर अड़ीं कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की जिद के आगे योगी सरकार को झुकना पड़ा और कांग्रेस को पॉलिटिकल माइलेज लेने का अवसर मिल गया। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो कई मौकों पर सरकार पहले भी प्रियंका गांधी को हाइलाइट करती रही है ताकि सपा और बीएसपी जैसी रीजनल पार्टियों को हावी होने का मौका न मिले।

पहले दिन सरकार ने सबको रोका , प्रियंका सीतापुर तक पहुंच गईं

पहले दिन सरकार ने सबको रोका , प्रियंका सीतापुर तक पहुंच गईं

लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ यह घटना रविवार को दिन में तीन बजे के आस पास हुई थी। जानकारी मिलते ही प्रियंका गांधी दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हो हैं। रविवार को ही देर शाम तक वो लखनऊ एयरपोर्ट पहुंच गई थीं। यहां से वह कांग्रेस के नेताओं के साथ लखीमपुर के लिए रवाना हो गई। देर रात तक सीतापुर पहुंचते पहुंचते उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इधर , प्रियंका के सक्रिय होम की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी, बीएसपी और अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

सीतापुर में नजरबंद हुई प्रियंका, अखिलेश यादव लखनऊ में धरने पर बैठे

सीतापुर में नजरबंद हुई प्रियंका, अखिलेश यादव लखनऊ में धरने पर बैठे

सोमवार को सुबह होते ही एक तरफ जहां सपा के मुखिया अखिलेश यादव, बीएसपी के महासचिव सतीश मिश्रा लखीमपुर खीरी निकलने की तैयारी कर रहे थे वहीं दूसरी ओर प्रियंका सीतापुर तक पहुंच गईं थी लेकिन प्रशासन ने उनको वहीं रोक लिया था लेकिन वो लखीमपुर खीरी जाने की जिद्द पर अड़ी रहीं। सरकार पीएसी के गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया। वहीं दूसरी वर्ग सरकार ने अखिलेश और सतीश मिस्र को उनके घर के बाहर ही नजरबंद कर दिया गया। आखिर यादव अपने आवास के बजे ही धरने पर बैठ गए। लेकिन कार्यकर्ताओ के विरोध और नारेबाजी के बीच अखिलेश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनको ईको गार्डन ले जाया गया । वहां कुछ घंटे के बाद अखिलेश को प्रशासन ने रिहा कर दिया जिसके बाद वो घर चले गए।

सीतापुर में अपनी मांग पर अड़ी रहीं प्रियंका

सीतापुर में अपनी मांग पर अड़ी रहीं प्रियंका

एकतरफ जहां सरकार की सक्रियता के बाद राजनीतिक दलों का विरोध ठंडा पड़ता जा रहा था वहीं दूसरी ओर प्रियंका ने नजरबंदी के बीच एक वीडियो जारी किया जिसमें वो एक कमरे में झाड़ू लगाते दिख रहीं थी। प्रशासन के लाख मानने के बावजूद प्रियंका लखीमपुर जाने को लेकर अड़ी रहीं। इस दौरान कई अधिकारियों से उनकी बहस भी हुई। इस बीच प्रियंका के विरोध की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई थी। इसके बाद राहुल गांधी का भी ट्वीट आ गया। राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा , वो डरेगी नहीं, बहुत जिद्दी है। सच्ची कांग्रेसी है।

पीएम मोदी के कार्यक्रम के दौरान जारी किया घटना का वीडियो

पीएम मोदी के कार्यक्रम के दौरान जारी किया घटना का वीडियो

लखीमपुर खीरी मामले को दबाने में हर संभव सरकार लगी हुई थी। इसीलिए किसान नेता राकेश टिकैत और एडीजी प्रशांत को तत्काल वहां भेजा गया। इस मामले में दोनों ने मिलकर किसानों से लगातार बातचीत की और उनकी मांगे मान ली गई। सरकार इस बात से बहुत खुश थी कि मोदी के कार्यक्रम से पहले सरकार ने इतने बड़े मामले को शांत कर दिया है। एक तरफ जहां सरकार किसानों के साथ समझौता होने के बाद पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों में जुटी थी वहीं प्रियंका लगातार अपनी मांग पर अड़ी हुई थीं। मंगलवार सुबह पीएम मोदी के लखनऊ पहुंचते ही प्रियंका ने एक वीडियो जारी किया जिसमें कुछ गाड़ियां किसानों को कुचलते हुए जा रही थीं। इस वीडियो को जारी कर प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी से कई तीखे सवाल भी पूछे थे। मंगलवार देर शाम होते होते प्रशासन ने प्रियंका की गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा कर दी। लेकिन बावजूद इसके प्रियंका ने कहा कि वो पीड़ितों से मिला बिना नहीं जायेंगी।

प्रियंका की जिद्द के बाद पूरी कांग्रेस ने यूपी पर फोकस किया

प्रियंका की जिद्द के बाद पूरी कांग्रेस ने यूपी पर फोकस किया

सीतापुर में प्रियंका गांधी को गिरफ्तार करने की सूचना आते ही दिल्ली में कांग्रेस का आला कमान भी सक्रिय हो गया। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने भी प्रियंका की गिरफ्तारी का विरोध किया। इसके बाद कांग्रेस की तरफ से एलान किया गया की राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिधिमंडल लखीमपुर जायेगा। इधर योगी सरकार के आला अधिकारी जिस मामले को शांत समझ रहे थे वो फिर सियासी उबाल लेने लगा था। आनन फानन में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के लखीमपुर जाने की मांग को योगी सरकार ने मंजूरी देने से इंकार कर दिया और लखनऊ में धारा 144 लागू किए जाने की ऐलान कर दिया। लेकिन कांग्रेस अपनी मांग पर अड़ी रही।

आला कमान के सक्रिय होते ही चन्नी और सिद्धू भी सक्रिय हुए

आला कमान के सक्रिय होते ही चन्नी और सिद्धू भी सक्रिय हुए

प्रियंका की गिरफ्तारी की सूचना आते ही एक तरफ जहां दिल्ली का आला कमान सक्रिय हो गया वहीं पंजाब कांग्रेस भी सक्रिय हो गई। रणनीति के तहत एक तरफ जहां सिद्धू ने यह एलान किया कि यदि प्रियंका को 24 घंटे में रिहा नहीं किया गया तो वो लखीमपुर खीरी कूच करेंगे। वहीं दूसरी ओर पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी गेम प्लान के तहत अमित शाह से मिलने दिल्ली रवाना हो गए। चन्नी की मुलाकात हालाकि औपचारिक ही थी लेकिन इसके केंद्र में भी लखीमपुर खीरी कांड ही था। उन्होंने दिल्ली पहुंचकर अमित शाह के सामने लखीमपुर की घटना को लेकर विरोध दर्ज कराया। चन्नी रात को वही रुके और अगले दिन राहुल गांधी के साथ लखीमपुर के लिए निकल पड़े।

बढ़ते दबाव के बीच बैकफुट पर आई योगी सरकार

बढ़ते दबाव के बीच बैकफुट पर आई योगी सरकार

कांग्रेस की तरफ से बढ़ रहे चौतरफा दबाव को देखते हुए योगी सरकार भी बैकफुट पर आ गई। राहुल गांधी के लखनऊ पहुंचते ही सरकार ने इस बात का एलान कर दिया कि कोई भी राजनीतिक दल लखीमपुर जा सकता है लेकिन पांच से ज्यादा सदस्यों को जाने को अनुमति नहीं दी जायेगी। उधर प्रियंका गांधी को भी छोड़ने का फैसला सरकार को करना पड़ा और उन्हे लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी गई। अनुमति मिलने के बाद वहां पहुंचे पंजाब के सीएम चरण जीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने लखीमपुर खीरी में मारे गए लोगों को 50 50 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान कर दिया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+