हादसे की असली वजह आई सामने, बिखरे जूते-चप्पल फसलों में फेंककर सेवादारों ने छिपाए सबूत, एसआई ने कराई FIR

Hathras stampede: हाथरस जनपद में सत्संग के दौरान हुए हादसे में मरने वालों की संख्या 121 पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यालय द्वारा हादसे की रिपोर्ट तलब की गई है।

वहीं बुधवार को घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम के साथ ही पुलिस अधिकारियों ने भी पहुंच कर जांच पड़ताल किया। वहीं इस हादसे के बाद सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के चौकी प्रभारी पोरा बृजेश पांडेय की तरफ से कार्यक्रम आयोजित करने वाले आयोजक और सेवादारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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जबकी सूरज पाल सिंह उर्फ नारायण साकार विश्व हरि (भोले बाबा) का नाम इस FIR से बाहर है। दर्ज एफआईआर में उपनिरीक्षक द्वारा यह भी लिखा गया है कि सत्संग स्थल पर किस कारण से हादसा हुआ। इसमें सबसे बड़ी गलती सेवादारों की बताई गई है।

परमिशन 80 हजार और आए थे ढाई लाख से अधिक अनुयायी
एसआई द्वारा दी गई तहरीर में लिखा गया है कि आयोजन करता द्वारा पूर्ववर्ती कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ को छुपाते हुए इस कार्यक्रम में करीब 80000 लोगों की भीड़ इकट्ठा होने की अनुमति मांगी गई थी। ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा इसी अनुसार सुरक्षा शांति व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन किया गया।

जब की मंगलवार को सत्संग स्थल पर ढाई लाख से अधिक अनुयाई पहुंचे थे। जिसके कारण जीटी रोड पर यातायात अवरुद्ध हो गया। इस दौरान ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा यातायात सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा था इधर सत्संग समाप्त हो गया।

सत्संग समाप्त होने के बाद सूरजपाल उर्फ भोले बाबा अपनी गाड़ी में सवार होकर कार्यक्रम स्थल से निकले और दोपहर करीब 2 बजे श्रद्धालु महिला पुरुष और बच्चों द्वारा उनकी गाड़ी के गुजरने के मार्ग से धूल समेटा जाने लगा।

उपनिरीक्षक द्वारा तहरीर में यह भी लिखा गया है कि कार्यक्रम स्थल से निकल रही लाखों श्रृद्धालुओं की बेतहाशा भीड़ के दवाब के कारण नीचे बैठे, झुके श्रृद्धालू दबने कुचलने लगे, चीखपुकार मच गयी। जीटी रोड के दूसरी ओर लगभग तीन मीटर गहरे खेतों में भरे पानी एवं कीचड में बेतहाशा दबती कुचलती भागती भीड को आयोजन समिति एवं सेवादारों द्वारा अपने हाथों में लिये डण्डों से जबरदस्ती रोक दिया गया।

जिसके कारण लाखों व्यक्तियों के भीड का दवाब बढता चला गया और महिला, बच्चे एवं पुरुष दबते कुचलते चले गये। भगदड में लगी चोटों से महिलाओं, बच्चों व पुरुषों की स्थति मरणासन्न हो गयी। मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हरसभंव प्रयास किया गया।

उसके बाद लाखों की भीड के दबाव से दब-कुचल कर घायल/बेहोश हुये व्यक्तियों को उपलब्ध संसाधनों से अस्पताल भिजवाया गया किन्तु आयोजनकर्ताओं एवं सेवादारों द्वारा कोई सहयोग नही किया गया। इस गम्भीरतम घटना के कारण अनेक लोग घायल हो गये जिनमें से कई लोगों की मृत्यु हो गयी है।

छूटे सामान, जुता-चप्पल कपड़े खेत में फेंक कर छिपाया साक्ष्य
घायलों को जनपद हाथरस अलीगढ एटा आदि के अस्पतालों में उपचार हेतु भिजवाया गया। घटना के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों को सूचित करते हुए राहत एवं बचाव कार्य हेतु अतिरिक्त पुलिस बल व संसाधनों की मांग की गयी। आयोजनकर्ताओं के द्वारा कार्यक्रम में एकत्रित होने वाली भीड की संख्या को छिपाकर अत्याधिक लोगों को बुलाया गया था।

साथ ही कार्यक्रम स्थल पर यातायात नियंत्रण हेतु आयोजक द्वारा अनुमति की शर्तों का पालन नही किया गया। भीड के दवाब से बेतहाशा भाग रहे, गिर- पडकर कुचल रहे लोगों को रोकने तथा इस घटना में घायल हुये व्यक्तियों के मौके पर छूटे सामान कपडे जूता चप्पल को उठाकर निकटवर्ती खेत में फसल में फेंककर साक्ष्य छिपाया गया। इस प्रकार आयोजकों एवं सेवादारों के उक्त कृत्य से बडी संख्या में निर्दोष लोग मारे गये हैं।

मामले में उप निरीक्षक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सत्संग आयोजन करने वाले आयोजनकर्ता मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर पुत्र रामसिंह निवासी न्यू कालोनी दमदपुरा कस्बा व थाना सिकंदराराऊ जनपद हाथरस एवं अन्य सेवादार और आयोजन करता हूं के खिलाफ भारतीय न्याय संगीता (बीएनएस) 2023 की धारा 105/110/126(2)/223/238 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।

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