Ghosi By-election: घोसी की जीत में शिवपाल यादव कैसे बने हीरो? जानिए इनसाइड स्टोरी
उत्तर प्रदेश की घोसी सीट पर हुए उपचुनाव में जीत के बाद से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं। इस चुनाव परिणाम ने जहां भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका दिया तो अखिलेश यादव के लिए संजीवनी साबित हुई है। इस चुनाव ने आगामी लोकसभा चुनाव में समीकरण सेट करने का नया फॉर्मूला भी दे दिया। लेकिन अब बात हो रही है कि आखिर इस जीत का हीरो किसे माना जाए, शिवपाल यादव या अखिलेश यादव। सियासी जगत में इस जीत के हीरो शिवपाल यादव को माना जा रहा है।
जी हां, शिवपाल यादव ने ही कसम खाई थी कि जब तक वह अपने उम्मीदवार सुधाकर सिंह को नहीं जिताएंगे तब तक घोसी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने ऐसी रणनीति बनाई कि भाजपा बुरी तरह लड़खड़ा गई और उम्मीदवार दारा सिंह 30 हजार से अधिक मतों से हार गए। घरेलू बनाम बाहरी का मुद्दा शिवपाल यादव ने ही उठाया जिसने समर्थकों में जोश भर दिया और सभी समर्थक घर घर जाकर मतदाताओं को समझाने में कामयाब रहे। नीचे पढ़ें पूरा विश्लेषण...

शिवपाल यादव में छोटे छोटे गांवों में कैंप लगाए, लोगों की समस्याएं सुनी
शिवपाल यादव ने छोटे छोटे गांव में कैंप लगाकर लोगों को समझाने में कामयाब रहे। उन्होंने सवर्ण से लेकर अति पिछड़े सभी लोगों से विनम्रता से बात की। हालांकि, शिवपाल यादव पहले से ही अपने विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। इतना ही नहीं पिछले 2 महीनों से शिवपाल यादव ने लोगों के राशन कार्ड, लाल कार्ड और येलो कार्ड को लेकर आई समस्या को लेकर अधिकारियों तक पहुंचे। लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाने में लगे रहे।
'अंत भला तो सब भला' वाली पॉलिसी पर चले शिवपाल
दरअसल, घोसी उपचुनाव के लिए प्रचाव खत्म होने के बाद भी वह आजमगढ़ से लोगों के संपर्क में बने रहे। पुराने सगे संबंधियों और पुराने जानकार से फोन पर बातकर निगरानी रखने के लिए कहा। आखिर समय तक सपा के छोटे छोटे कार्यकर्ताओं के संपर्क में बने रहे। इतना ही नहीं काउंटिंग के वक्त भी उन्होंने अपने नजदीकी लोगों को निगरानी बनाए रखने को कहा।
बूथ पर किसी मतदाता को दिक्कत न हो इसके लिए भी कर दी थी व्यवस्था
इतना ही नहीं बूथ पर वोट देते समय अगर किसी मतदाता के साथ कोई दिक्कत होती थी तो समाजवादी के कार्यकर्ता तुरंत समस्याओं का निदान करते थे। सवर्ण वोटरों पर खास ध्यान रखा गया और मुलायम -शिवपाल के नाम पर वोट देने के लिए कहा गया।
मुलायम के समय भी शिवपाल यादव का था जलवा
मुलायम सिंह यादव के समय शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी में दूसरे नंबर पर आते थे। कहें तो समाजवादी के संगठन की पूरी जिम्मेदारी मुलायम सिंह ने उन्हीं को सौंप रखी थी, शिवपाल यादव पार्टी का पूरा काम देखते थे और मुलायम सिंह का चेहरा आगे होता था।












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