गाजियाबाद केस में नया खुलासा, टीना के प्रेग्नेंट होते ही चेतन ने बदली चाल! अब जाकर खुला असली राज
Ghaziabad Triple Sisters Death Case: भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की मौत ने एक ऐसे रहस्य को जन्म दे दिया है, जिसकी परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, मामला और भी उलझता जा रहा है। पुलिस की तफ्तीश अब पिता चेतन के उन चार अलग-अलग कारोबारों से लेकर उसके निजी रिश्तों के मकड़जाल तक पहुंच गई है।
आखिर एक पिता ने अपनी तीन बेटियों के भविष्य के नाम पर घर में जो किया, उसका अंत इतना खौफनाक कैसे हुआ? आइए जानतें हैं पुलिस की जांच में कौन से नए राज खुले हैं।

आर्थिक तंगी और टीना की एंट्री
जांच में सामने आया है कि चेतन कभी प्रॉपर्टी डीलिंग और वाहनों की खरीद-फरोख्त का बड़ा खिलाड़ी था। उसकी आर्थिक स्थिति तब तक मजबूत थी जब तक उसने शेयर ट्रेडिंग और फॉरैक्स मार्केट में कदम नहीं रखा। कोरोना काल के दौरान हुए भारी नुकसान ने उसे अर्श से फर्श पर ला दिया।
इसी तंगी के बीच उसने क्रेडिट कार्ड बनाने का काम शुरू किया और मदद के लिए 12वीं पास टीना उर्फ नाजनीन को नौकरी पर रखा। लेकिन यह पेशेवर रिश्ता जल्द ही प्रेम संबंध में बदल गया और टीना के प्रेग्नेंट होने के बाद चेतन ने उससे कोर्ट मैरिज कर ली।
पहली दो पत्नियों को दिया 'परवरिश' का झांसा
चेतन की तीसरी शादी से उसकी पहली दो पत्नियां, सुजाता और हिना, इस कदर टूटीं कि उन्होंने घर छोड़ दिया। लेकिन चेतन ने उन्हें वापस लाने के लिए दलील दी कि सुजाता और हिना (जो खुद कम पढ़ी-लिखी थीं) बच्चों का बेहतर मार्गदर्शन नहीं कर पा रही हैं, इसलिए बच्चियों की सही 'परवरिश' के लिए टीना जैसी पढ़ी-लिखी महिला का घर में होना जरूरी है। इसी 'शिक्षा और भविष्य' के वादे पर दोनों पत्नियां वापस रहने को मान गईं।
कोरिया जाने की जिद और ट्यूशन का सच
हैरानी की बात यह है कि जिस पढ़ाई का वास्ता दिया गया, उसमें बच्चियां बेहद कमजोर थीं। ट्यूशन टीचर ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि तीनों बहनें एक वाक्य तक ठीक से नहीं पढ़ पाती थीं। सबसे रहस्यमयी बात यह थी कि उन बच्चियों ने टीचर से कहा था कि वे 'गोद' ली गई हैं और वे 'कोरिया' जाना चाहती हैं, लेकिन पिता राजी नहीं हैं। ट्यूशन टीचर ने परिवार में पढ़ाई का माहौल न देखकर और बच्चियों की अजीब बातों से डरकर उनकी फीस तक लौटा दी थी।












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