गैंगरेप आरोपी गायत्री प्रजापति हुए फरार, पुलिस कर रही तलाश
गैंगरेप आरोपी गायत्री प्रजापति हुए फरार, पूछताछ करने पहुंची पुलिस लौटी बैरंग, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
लखनऊ। सपा नेता और गैंगरेप के आरोपी गायत्री प्रजापति पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने के साथ ही वह एक बार फिर से लापता हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मायावती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन जब पुलिस उनके घर इस मामले में उनसे पूछताछ करने पहुंची तो वह लापता हो गए। लखनऊ पुलिस गायत्री प्रजापति के घर उनसे गैंगरेप मामले में पूछताछ करने पहुंची थी, लेकिन वह घर से नदारद मिले और अभी तक उनके बारे में पुलिस को जानकारी नहीं मिल सकी है।

गायत्री प्रजापति के खिलाफ आरोप लगने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था, लेकिन मुलायम सिंह यादव की सिफारिश के बाद उन्हें फिर से कैबिनेट में शामिल किया गया था। प्रजापति को मुलायम सिंह यादव को करीबी माना जाता है, वह अमेठी से सपा के उम्मीदवार हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके साथ मंच साझा करने से इनकार कर दिया और अपने चुनाव प्रचार में उनका नाम तक नहीं लिया।
विरोधियों के निशाने पर गायत्री
उत्तर प्रदेश में अभी भी दो चरणों के मतदान होने हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए प्रजापति के बारे में जवाब देना मुश्किल हो रहा है, तमाम विरोधी नेता उन्हें प्रजापति को लेकर घेर रहे हैं लेकिन अभी तक अखिलेश ने इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सपा पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि एक पार्टी है जहां गायत्री प्रजापति का मंत्र जपा जाता है।
17 साल की नाबालिग से भी शोषण का आरोप
जिस महिला ने गायत्री प्रजापति पर आरोप लगाया है उसका कहना है कि गायत्री प्रजापति ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया और उसकी 17 साल की बेटी के साथ भी शोषण किया। जिसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। महिला की अपील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार लगाते हुए गायत्री प्रजापति के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
फरार हैं गायत्री प्रजापति
लखनऊ पुलिस गायत्री प्रजापति के घर पूछताछ करने के लिए पहुंची लेकिन उसे बैरंग लौटना पड़ा, गायत्री प्रजापति घर पर नहीं थे, आपको बता दें कि पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि गायत्री प्रजापति के घर पर उसके साथ गैंगरेप किया गया था। लखनऊ की एसएसपी मंजिल सैनी का इस मामले में कहना है कि पुलिस की टीम अमेठी में प्रजापति के घर गई थी, लेकिन वह घर पर नहीं थे, उन्होंने कहा कि गायत्री प्रजापति फरार हैं, अगर वह हमे नजरअंदाज करते रहे तो हम दूसरे रास्ते अपनाएंगे।
गार्ड से हुई पूछताछ
मंगलवार को पुलिस अमेठी के साथ लखनऊ स्थित प्रजापति के घर पहुंची लेकिन वह यहां से भी नदारद मिले, जहां पुलिस ने गार्ड और घर में काम करने वाली महिला का बयान दर्ज किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस गायत्री प्रजापति के खिलाफ सबूतों को इकट्ठा करने में जुटी है। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि प्रजापति फरार रहते हैं या फिर खुद आगे आकर पुलिस की पूछताछ में मदद करते हैं। READ ALSO:यूपी की सियासी पाठशाला में हर कोई पास नहीं होता












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