अखिलेश के पूर्व मंत्री राम करण आर्य को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा

राम करण ने अपने एक समर्थक से राइफल छीनी और शंभू नामक शख्स पर गोली चला दी। गोली शंभू की गर्दन में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

लखनऊ। अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री रहे राम करण आर्य को यूपी के बस्ती जिले की अदालत ने 1994 के हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। राम करण आर्य पूर्व की अखिलेश यादव की सरकार में खेल और युवा कल्याण मंत्री थे। जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्रकैद की सजा के अलावा उनपर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

सपा सरकार में दो बार रह चुके हैं मंत्री

सपा सरकार में दो बार रह चुके हैं मंत्री

सोमवार को केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस मामले में 8 अन्य लोगों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया। कोर्ट के फैसले के बाद जमानत पर जेल से बाहर चल रहे पूर्व मंत्री को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राम करण आर्य चार बार विधायक रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी में दो बार मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। अखिलेश यादव की सरकार में भी वे मंत्री थे।

पढ़िए, क्या था पूरा मामला?

पढ़िए, क्या था पूरा मामला?

राम करण आर्य पर यह केस 23 नवंबर 1994 को दर्ज किया गया था। उस समय बस्ती सदर से कांग्रेस के विधायक जगदंबिका पाल ने वाल्टरगंज शहर में एक किसान रैली का आयोजन किया था। जगदंबिका पाल के भतीजे और चचेरे भाई जीप में बैठकर इस रैली में शामिल होने जा रहे थे। दूसरी तरफ से बस्ती दक्षिण सीट से सपा के विधायक राम करण आर्य अपने समर्थकों के साथ जीप में सवार होकर आ रहे थे। कोतवाली पुलिस थाने के पास दोनों जीपें आपस में टकरा गईं।

राम करण ने चलाई थी गोली

राम करण ने चलाई थी गोली

इसके बाद दोनों पक्ष के लोगों में कहासुनी हो गई। इस बीच राम करण ने अपने एक समर्थक से राइफल छीनी और शंभू नामक शख्स पर गोली चला दी। गोली शंभू की गर्दन में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में जगदंबिका पाल के चचेरे भाई जयबक्श ने राम करण आर्य समेत 10 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।

जेल भेजे गए राम करण आर्य

जेल भेजे गए राम करण आर्य

पुलिस ने मामले की जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। केस चलने के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई जबकि 8 आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया। बचाव पक्ष के वकील ध्रुव चंद पांडेय ने बताया कि वह फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेंगे। पुलिस ने फिलहाल राम करण आर्य को न्यायिक हिरासत में ले लिया है। ये भी पढ़ें- ट्रिपल मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी फांसी की सजा, ये है फैसले की वजह

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