Dhananjay Singh Jaunpur: जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को सात साल की सजा, बोले- चुनाव जरुर लड़ा जाएगा
Dhananjay Singh Jaunpur: जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को साल 2020 में अपहरण की एक मामले में न्यायालय द्वारा बुधवार को सजा सुनाई गई। साल 2020 में नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा उनके खिलाफ अपहरण संहिता ने धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मामले में सुनवाई करते हुए मंगलवार को न्यायालय द्वारा पूर्व सांसद धनंजय सिंह को दोषी करार दिया गया था। इसी मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह को सात साल की सजा सुनाई गई। वहीं कोर्ट रूम से बाहर निकलने के बाद धनंजय सिंह ने कहा कि चुनाव न लड़ने देने के लिए यह साजिश की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव जरुर लड़ा जाएगा।

दरअसल, नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर मुजफ्फरनगर के रहने वाले अभिनव सिंघल द्वारा जौनपुर जनपद के लाइन बाजार थाने में 10 में 2020 को पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ अपहरण और रंगदारी सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अभिनव सिंघल द्वारा आरोप लगाया गया था कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह के सहयोगी संतोष विक्रम ने उनका अपहरण किया। अपहरण करने के बाद उन्हें लेकर पूर्व सांसद धनंजय सिंह के आवास पर पहुंचा। आवास पर धनंजय सिंह पिस्तौल लेकर बाहर निकले और जान से मारने की धमकी दिए।
इस मामले में अशोक सिंघल द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर लाइन बाजार थाने की पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद धनंजय सिंह को गिरफ्तार कर ली थी। गिरफ्तार करने के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह और संतोष विक्रम सिंह को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था।
लेकिन बाद में केस दर्ज करने वाला प्रोजेक्ट मैनेजर कोर्ट में शपथ पत्र देकर धनंजय सिंह और संतोष विक्रम के ऊपर लगाए गए आरोपों से मुकर गया। उसने कोर्ट में यह भी बताया कि केस दर्ज कराते समय वह काफी तनाव में था।
हालांकि इस मामले में धनंजय सिंह 109 दिन तक जेल में रहे लेकिन बाद में हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। इसी मामले में जौनपुर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट द्वारा मंगलवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह और संतोष विक्रम को दोषी करार दिया गया था। कोर्ट द्वारा बुधवार को सजा की तिथि मुकर्रर की गई थी। इसी कड़ी में बुधवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके सहयोगी संतोष विक्रम को सात साल की सजा सुनाई गई।












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