यूपी चुनाव जीतने के लिए असम मॉडल पर भाजपा का यह 5 प्वाइंट प्लान
लखनऊ। 2017 में होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव में जीत हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही भारतीय जनता पार्टी हर कदम फूंक-फूंक कर उठा रही है। बिहार में हार और असम चुनाव में जीत से सीख लेते हुए भाजपा एक खास रणनीति बना रही है। आइए जानते हैं चुनाव कैंपेन के दौरान किन पांच बिन्दुओं पर भाजपा फोकस करने वाली है।

प्वाइंट 1 -केंद्र सरकार के बजाय राज्य सरकार पर फोकस
भाजपा उत्तर प्रदेश चुनाव में केंद्र सरकार के कामों को प्रचारित करने के बजाय राज्य की सपा सरकार के खराब प्रदर्शन को भुनाने पर विचार कर रही है। यह रणनीति असम चुनाव में काम कर गई थी।
भाजपा की यह कोशिश रहेगी कि यूपी इलेक्शन केंद्र सरकार के कामों पर जनमत संग्रह में न बदल पाए। राज्य सरकार की कमियों को प्रचारित कर भाजपा एंटी इंकम्बेंसी फैक्टर का फायदा उठाने की कोशिश करेगी।
प्वाइंट 2 - ज्यादा रोड शो और रैली नहीं
भाजपा यह प्लान कर रही है कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को छोड़कर ज्यादा रैलियों और रोड शो का आयोजन नहीं किया जाएगा और इस पर कम से कम खर्च किया जाएगा।

प्वाइंट 3 - दूसरी पार्टी से आने वाले नेताओं पर फोकस
दूसरी पार्टियों से भाजपा में शामिल हुए नेताओं के लिए भाजपा विशेष प्रबंध करेगी ताकि उनसे फायदे के बजाय नुकसान न हो जाए।
प्वाइंट 4 - लोकल नेताओं को तरजीह
बिहार और असम चुनाव से सीख लेते हुए भाजपा, कैंपेन के दौरान ग्रामीण और कस्बाई स्तर पर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को काम करने देगी। राज्य से बाहर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बड़े शहरी क्षेत्रों तक सीमित रखा जाएगा।
प्वाइंट 5 - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ तालमेल
भाजपा चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ प्रभावी तालमेल बिठाते हुए चुनाव की तैयारी करेगी। लखनऊ, मेरठ और गोरखपुर में तीन आरएसएस केंद्र बनाए जाएंगे। यूपी चुनाव के लिए आरएसएस प्रचारक दत्तात्रेय होसाबले को नियुक्त किया गया है। वह लखनऊ में काम देखेंगे।
आरएसएस के शिक्षा संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और नुक्कड़ नाटकों के जरिए चुनाव अभियान चलाया जाएगा। भाजपा कैंडिडेट्स के बारे में जनता का फीडबैक देने का काम भी आरएसएस करेगा।












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