सर्वे: यूपी में सीएम के लिए पहली पसंद अखिलेश, सपा-भाजपा में टक्कर, बसपा तीसरे नंबर पर खिसकी
न्यूज चैनल एबीपी ने सर्वे कराकर उत्तर प्रदेश की जनता का मन टटोला है। इसमें सीएम के लिए सबसे पसंदीदा चेहरा और सरकार के काम से कितने संतुष्ट हैं? जैसे सवाल पूछे गए हैं।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच न्यूज चैनल एबीपी ने उत्तर प्रदेश में सर्वे कराया है। जिसमें आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जनता का मिजाज जानने की कोशिश की है। इसमें कई सवाल किए गए हैं। जिसमें सपा के आपसी झगड़े पर भी सवाल किए गए और मोदी सरकार से यूपी सरकार की तुलना करते हुए भी। वहीं यूपी के सीएम के लिए जनता के पसंदीदा नेता के बारे में भी पूछा गया है।

सपा में खींचतान पर उत्तर प्रदेश के सपा के समर्थक पूरी तरह अखिलेश यादव के साथ खड़े हैं। सपा समर्थकों में 83 फीसदी लोगों ने अखिलेश को सीएम के लिए पसंद किया है। वहीं मुलायम को सिर्फ 6 फीसदी ने बतौर सीएम पसंद किया है। सपा में झगड़े के लिए 25 फीसदी लोगों ने शिवपाल यादव जिम्मेदार माना है जबकि छह फीसदी ने अखिलेश यादव को झगड़े की वजह माना।
उत्तर प्रदेश में सभी पार्टियों में सीएम के चेहरे के लिए भी अखिलेश यादव ने सब पर बाजी मारी है। सर्वे में अखिलेश यादव को सीएम के लिए सबसे ज्यादा 28 फीसदी लोगों ने पसंद किया है। वहीं उनकी प्रतिद्वंदी मायावती को 21 फीसदी लोगों ने पसंद किया है। मुख्य मुकाबला इन्हीं दो नेताओं में दिख रहा है। इन दोनों के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता योगी आदित्यानाथ को 4 फीसदी लोगों ने जबकि मुलायम को 3 फीसदी लोगों ने भावी सीएम के लिए पसंद किया है।
केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की मोदी सरकार के कामकाज को लेकर किए गए सवाल पर अखिलेश ने मोदी पर भी बाजी मारी है। सर्वे में 34 फीसदी लोग अखिलेश यादव के काम से संतुष्ट हैं जबकि पीएम मोदी के काम से 32 फीसदी लोग संतुष्ट हैं।
किसी को बहुमत नहीं, सपा पहले नबंर पर
सीएसडीएस और एबीपी न्यूज के इस सर्वे में समाजवादी पार्टी को हाल में चुनाव होने पर समाजवादी पार्टी को 141 से 151 सीटें मिल रही हैं। सपा को 30 फीसदी वोट मिल रहे हैं। सर्वे में बहुत बड़ा फायदा भाजपा को होता दिख रहा है। सर्वे में भाजपा को 129-139 सीटें मिल रही हैं, पार्टी को 27 फीसदी वोट मिल रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी तीसरे नंबर पर बताई गई है। बसपा को 93-103 सीटें मिलने की बात कही जा रही है। कांग्रेस एक बार फिर बुरी तरह से असफल दिख रही है। कांग्रेस को 13 से 19 सीटें मिलने की बात सर्वे में कही जा रही है। वहीं अगर सपा और कांग्रेस में गठबंधन होता है तो सपा-कांग्रेस को 133 से 143 सीटें मिलेंगी। भाजपा को 138 से 148 जबकि बसपा को 105 से 115 सीटें मिल सकती हैं।
सर्वे में एक और पहलू भी सामने आया है इसके हिसाब से अगर सपा दो फाड़ होकर चुनाव लड़ती है तो अखिलेश गुट को 82 से 92 सीटें, मुलायम गुट को 9 से 15 सीटें मिलेंगी। इससे भाजपा को फायदा होगा और भाजपा को 158 से 168 सीटें और बसपा को 110 से 120 सीटें मिलेंगी। वहीं कांग्रेस 14-20 सीटें मिलेंगी। (ऐसा सर्वे नहीं बल्कि सर्वे के आंकड़ों पर लगाया गया अनुमान कहता है।सर्वे मुलायम परिवार में घमासान से पहले का है)
यादव, मुस्लिम सपा के, सवर्ण भाजपा जबकि दलित बसपा के साथ
जातिगत आंकड़ों की बात करें तो यादव सपा के साथ खड़े दिख रहे हैं। यादव वोटरों की बात करें तो सर्वे के मुताबिक यादव वोटर 75 फीसदी सपा के साथ जबकि 14 फीसदी भाजपा और 04 फीसदी बीएसपी के साथ हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के मुसलमान सपा के पक्ष में दिख रहे हैं। सपा के पक्ष में 54 फीसदी मुसलमान हैं। बहुजन समाज पार्टी के पक्ष में 14 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। सर्वे की जो एक और खास बात है वो ये कि मुसलमान कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के साथ हैं। कांग्रेस के पक्ष में सात फीसदी जबकि भाजपा को नौ फीसदी मुसलमान हैं।
सवर्ण मतदाता भाजपा के साथ 55 फीसदी, सपा के साथ 12 फीसदी जबकि बसपा के साथ आठ फीसदी सवर्ण मतदाता हैं। वहीं ओबीसी के लिए भाजपा और सपा ही पसंद बनी हुई हैं। भजापा को 34 फीसदी जबकि सपा को 23 फीसदी ओबीसी पसंद कर रहे हैं। जाटव मतदाताओं में बीएसपी को 74 फीसदी, बीजेपी को आठ फीसदी तो सपा को सात फीसदी मतदाताओं ने अपनी पंसद बताया। अन्य दलित वोटरों में बसपा को 56, सपा को 16, भाजपा को 13 जबकि कांग्रेस को 11 फीसदी ने पसंद किया है।
पूरब में सपा का दबदबा तो पश्चिम में भाजपा का बोलबाला
सर्वे में पूर्वी यूपी में समाजवादी पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है। पूरब में 35 फीसदी लोगों ने सपा को पहली पसंद कहा है। वहीं भाजपा दूसरे नंबर पर है, भाजपा 30 फीसदी लोगों की पसंद है। मायावती की बहुजन समाज पार्टी को 18 फीसदी लोगों ने पसंद किया है। वहीं सर्वे में पश्चिम यूपी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यहां भाजपा ने सपा और बसपा को पीछे छोड़ दिया है। पश्चिम यूपी में भाजपा को 37 फीसदी लोगों ने पसंद किया है। जबकि सपा 16 और बसपा 12 फीसदी लोगों की पसंद के साथ भाजपा से काफी पीछे है। जबकि कांग्रेस और पश्चिम की बड़ी राजनीतिक ताकत रही रालोद लड़ाई से बाहर दिख रही है।
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