योगी सरकार के डर से अधिकारियों ने फाइलों को किया आग के हवाले!
जब कर्मचारी फाइलों को जला रहे थे तभी मीडियाकर्मी वहां पहुंचे। मीडिया को देखते हुए वे भाग खड़े हुए। क्या वहां काले कारनामों को छुपाने की साजिश चल रही थी?
मिर्जापुर। निजाम बदलते ही कई विभाग के अधिकारी पशोपेश में जी रहे है, कि कहीं उनके विभाग की जांच न कर ली जाय। योगी सरकार के सफाई अभियान का असर दिखने लगा है। पर भ्रष्ट विभागों में गिने जाने वाले परिवहन विभाग ने सफाई अभियान के नाम पर विभाग के जरूरी कागजात को आग के हवाले कर दिया।

विभाग का कहना है कि रद्दी को जलाया गया है, पर सरकारी विभाग के रद्दी को जलाने के लिए भी टेंडर कराना पड़ता है। जिस तहर से फाइलो को जलाया गया और परिवहन विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते है। ऐसे में कहीं नयी सरकार के डर से अधिकारियों ने अपने काले कारनामो की फाइलों को तो आग के हवाले नहीं कर दिया?

मीडिया के पहुंचने पर भागे कर्मचारी
सुबह परिवहन विभाग का कार्यालय खुलते ही वहां के कर्मचारी कार्यालय के पीछे काफी संख्या में कागजातों को जला रहे थे। कागजातों के जलाये जाने से हड़कंप मच गया। सूचना पर मीडियाकर्मी वहां पहुंचे। कई कर्मचारी कागजातों के अन्य बंडल हाथ में लेकर जलाने के लिए खड़े थे पर मीडियाकर्मियों के पहुंचने के कारण कर्मचारी फाइलों का बंडल लेकर वहां से भाग गये।
सुबह सफाई की दिलायी गयी शपथ
प्रदेश सरकार के निर्देश पर शनिवार की सुबह परिवहन विभाग के कार्यालय में स्वच्छता की शपथ दिलायाी गयी। आरटीओ प्रशासन लक्ष्मीकांत मिश्र और आरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को स्वछता की शपथ दिलायी।
आरटीओ ने कहा रद्दी जलायी गयी
परिवहन कार्यालय के पास काफी संख्या में फाइलो और कागजातो को जलाये जाने के मामले में आरटीओ प्रशासन लक्ष्मीकांत मिश्र से पूछा गया तो उनका कहना था कि यह कागज रद्दी था इसलिए जलाया गया है।












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