एनआरआई सम्मेलन को लेकर खास तैयारियों में जुटे मोदी, अपने अंदाज में स्वागत करने की कही बात
वाराणसी। देश का 15वां प्रवासी भारतीय सम्मेलन अगले साल 21 जनवरी से लेकर 23 जनवरी तक होना है। ये वही सम्मेलन है जिसे लेकर पीएम मोदी ने राजातालाब की रैली में काशीवासियों से ये वादा लिया था। कई पीढ़ी के बाद काशी और इंडिया आने वाले अपने एनआरआई भाइयों और बहनों को उनके संसदीय क्षेत्र की जनता अपने अंदाज से स्वागत करेंगी। यह वह सम्मेलन है जो भारत के लिए शान की बात है।

इस आयोजन का उदघाट्न पीएम मोदी करेंगे। पीएम मोदी बनारस में रह कर अतिथि देवो भवः की रीत निभाते हुए अपने लोगों के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस बात का जिक्र भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पिछली रैली में किया था। ऐसे में जब खुद पीएम वाराणसी में इतने बड़े आयोजन की बागडोर संभालेंगे तो पूरा मंत्री मण्डल भी इन दिनों बनारस में ही मौजूद रहेगा। यही वजह है कि सभी मंत्रालय अपना कैम्प ऑफिस वाराणसी में खोलने की तैयारी में है।
ऐसे में इतने बड़े आयोजन को लेकर सरकारी महकमा लगातार बनारस में बैठक और प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों का जायजा ले रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव तथा एनआरआई के आर.के.सिंह और भारत सरकार विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज महापात्रा ने 21 से 23 जनवरी तक तीन दिवसीय होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारी की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की।
दीनदयाल संकुल में होगा आयोजन पीएम करेंगे उदघाट्न
इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत राज्यपाल रामनाईक के आने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं इसके साथ ही लगभग सात हजार अप्रवासी भारतीयों का आना भी तय माना जा रहा है। यह सम्मेलन बड़ा लालपुर के दीनदयाल सांस्कृतिक संकुल में आयोजित होगा। वहीं अतिथियों के लिए बनारस के पांच सितारा होटल से लेकर लॉज भी बुक कराये गए हैं।
घर सा एहसास कराना है सरकार की मंशा
इन सब के बीच सबसे महत्वपूर्ण पहलू ये है कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास तथा एनआरआई विभाग यहां आने वाले सरकारी अधिकारियों के लिए 100 कॉटेज और 42 एकड़ जमीन में अस्थायी आवास बनाएगी। सात समंदर पार से आने वाले एनआरआई विदेशियों को सरकार अपना घर सा एहसास कराकर मेहमान नवाजी करेंगी। जिसमे भारत और पूर्वांचल की छवि साथ दिखेगी।












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