'खैर, अखिलेश यादव की इच्छा पूरी हो गई', एनकाउंटर में मारे गए अनुज सिंह के पिता ने बयां किया दर्द
Anuj Singh Encounter: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद में आभूषण कारोबारी के यहां हुई डकैती के मामले में एसटीएफ में सोमवार को आरोपी अनुज सिंह को एनकाउंटर में मार गिराया। उन्नाव में मुठभेड़ के दौरान अनुज सिंह को मारा गया।
इस डकैती कांड में मंगेश यादव के बाद अब यह दूसरा एनकाउंटर हुआ है। ऐसे में आरोपी अनुज सिंह के पिता द्वारा कहा गया कि जिन पर 35-40 केस हैं उन्हें नहीं मारा जा रहा। मेरी बेटे अनुज पर केवल एक केस दर्ज था।

केवल एक केस दर्ज होने के बाद भी एसटीएफ द्वारा मेरे बेटे का एनकाउंटर कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि खैर, अखिलेश यादव की इच्छा पूरी हो गई। ठाकुर का भी एनकाउंटर कर दिया गया। सरकार की जैसी मर्जी हो वैसे करे।
4 जून को घर से गया था अनुज
अमेठी जनपद के मोहनगंज अंतर्गत जनापुर गांव के रहने वाले आरोपी अनुज सिंह के पिता धर्मराज सिंह गांव के कोटेदार हैं। उनका कहना है कि आखरी बार उनका बेटा 3 मई को घर आया था और गरीब एक महीने घर रहने के बाद 4 जून को घर से चला गया।
मारे गए अनुज सिंह के पिता धर्मराज सिंह ने यह भी कहा कि उनके बेटे के खिलाफ सूरत में केवल एक केस दर्ज था। केवल एक केस दर्ज होने के बाद एसटीएफ द्वारा उनके बेटे का एनकाउंटर कर दिया गया। जबकि बड़े अपराधियों का एनकाउंटर नहीं हो रहा है।
घटना के बाद अनुज के परिवार में मातम पसरा हुआ है। अनुज की बहन अमीषा सिंह ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि उसका भाई पढ़ने में काफी अच्छा था। वह सूरत में ही रहता था। हमेशा ने कहा कि सुबह में जब भाई के एनकाउंटर की जानकारी मिली तो विश्वास ही नहीं हुआ।
साथ ही बहन अमीषा ने यह भी कहा कि अगर कुछ ऐसा था तो मेरे भाई को पकड़ कर रखना चाहिए था मारना नहीं चाहिए था। उसने कहा कि यह गलत अफवाह उड़ाई जा रही है कि उसने फायरिंग किया मुठभेड़ हुई। मेरे भाई को ही गोली क्यों लगी, पुलिस वालों को गोली क्यों नहीं लगी?
बहन का कहना है कि सजा देने के लिए कोर्ट है, न कि पुलिस। यदि ऐसा है तो इस डकैती कांड में शामिल सभी लोगों का एनकाउंटर होना चाहिए था। उसने यह भी कहा कि सरकार में काफी गलत हो रहा है और हमें इंसाफ चाहिए। एनकाउंटर में शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए इसकी जांच की जानी चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications