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मऊरानीपुर में धोबी समाज का 23वां सामूहिक विवाह सम्मेलन, जानिए कैसे 57 जोड़ों ने लिए सात फेरे और क्या मिला?

Dhobi Samaj News: झांसी जिले के मऊरानीपुर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रविवार, 15 फरवरी 2026 को धोबी समाज द्वारा 23वां सामूहिक विवाह सम्मेलन बड़े उत्साह और धूमधाम से संपन्न हुआ। नरसिंह भगवान मंदिर प्रांगण, नदी कटरा, मऊरानीपुर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 57 जोड़ों ने सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की।

यह आयोजन न केवल धोबी समाज की एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक रहा, बल्कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत भी साबित हुआ।

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कार्यक्रम का विवरण और विशेष अतिथि

सुबह से ही मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया। मुख्य कार्यक्रम दोपहर में शुरू हुआ, जिसमें सभी जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया। धोबी समाज के स्थानीय संगठन मऊरानीपुर धोबी समाज के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने इस आयोजन की पूरी जिम्मेदारी संभाली।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए:

  • राजकुमार मालवीय और अशोक मालवीय (इटारसी से)
  • अनिल रजक (जतारा, टीकमगढ़ से)

अतिथियों ने जोड़ों को आशीर्वाद दिया और समाज की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह गरीबी और सामाजिक असमानता को कम करने का एक प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और समाज के बुजुर्ग भी मौजूद रहे।

धोबी समाज की परंपरा और सामाजिक योगदान

धोबी समाज मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सामूहिक विवाह सम्मेलन की परंपरा को मजबूती से निभा रहा है। मऊरानीपुर में यह 23वां आयोजन है, जो पिछले 23 वर्षों से निरंतर चल रहा है। समाज के अनुसार, हर साल सैकड़ों जोड़ों को एक छत के नीचे वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने का अवसर मिलता है, जिससे लाखों रुपये की बचत होती है और सामाजिक समरसता बढ़ती है।

इस बार 57 जोड़ों में शामिल दुल्हन-दूल्हे विभिन्न गांवों और कस्बों से आए थे। समाज ने सभी जोड़ों को शुभकामनाएं, उपहार, वस्त्र, घरेलू सामान और आर्थिक सहायता प्रदान की। कई जोड़ों के परिवारों ने बताया कि वे अकेले इतना भव्य विवाह नहीं कर पाते, इसलिए सामूहिक विवाह उनके लिए वरदान साबित हुआ।

महाशिवरात्रि पर विशेष महत्व

महाशिवरात्रि के दिन यह आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि धोबी समाज भगवान शिव को अपना कुलदेवता मानता है। नरसिंह भगवान मंदिर में आयोजन से धार्मिक और सामाजिक महत्व दोनों बढ़ गए। सुबह से ही भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और शाम को भजन-कीर्तन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

समाज के नेताओं का संदेश

कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि धोबी समाज सदियों से मेहनतकश और सनातनी रहा है। सामूहिक विवाह से न केवल आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि समाज में बेटियों की शिक्षा और सम्मान पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से भी ऐसे आयोजनों के लिए सहायता और मान्यता की मांग की।

स्थानीय प्रशासन की भूमिका

मऊरानीपुर नगर पालिका और पुलिस प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम में सहयोग किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफल रहा। स्थानीय लोगों ने इसे सामाजिक सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

यह 23वां सामूहिक विवाह सम्मेलन धोबी समाज की एकजुटता, सनातन परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी का जीता-जागता प्रमाण बना। मऊरानीपुर के इस आयोजन ने पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि सामूहिक प्रयास से बड़े सामाजिक कार्य आसानी से संपन्न हो सकते हैं। समाज ने अगले वर्ष और बड़े पैमाने पर ऐसे आयोजन की योजना बनाई है।

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