'दृश्यम' देखकर बनाया मर्डर का प्लान, दिल्ली पुलिस कांस्टेबल ने प्रॉपर्टी विवाद में ऐसे रची हत्या की साजिश
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 9 अगस्त को लापता हुए प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में शनिवार को पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। एक्टर अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम' से प्रेरित होकर दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल ने पूरा मर्डर प्लान तैयार किया था।
ग्रेटर नोएडा के बिजनेसमैन अंकुश शर्मा के साथ प्रॉपर्टी विवाद में हत्या करने के आरोप में दिल्ली पुलिस के एक पूर्व कांस्टेबल प्रवीण को गुरुवार रात गिरफ्तार किया गया है। अंकुश शर्मा के लापता होने की रिपोर्ट उसके परिवार द्वारा दर्ज कराए जाने के 13 दिन बाद आरोपी 42 वर्षीय प्रवीण को हिरासत में लिया गया था।

'दृश्यम' देखने के बाद हत्या का प्लान
बताया जा रहा है कि तब्बू और अजय देवगन की क्राइम थ्रिलर 'दृश्यम' देखने के बाद प्रवीण ने अंकुश की हत्या की योजना बनाई थी, ताकि वह उसके फ्लैट पर कब्जा कर सके। पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल ने फ्लैट हथियाने और पैसे के लेन देन को लेकर प्रॉपर्टी डीलर का मर्डर किया था।
आरोपी कांस्टेबल ने प्रॉपर्टी डीलर को पहले बेहोश किया और फिर हथौड़े से पीट-पीट कर मार डाला। पुलिस ने जंगल से प्रॉपर्टी डीलर का शव बरामद किया है। आरोपी प्रवीण ने प्रॉपर्टी डीलर की बॉडी टी-सीरीज की जमीन पर स्थित जंगल में फेंक दी थी।
ब्रोकर के जरिए हुई मुलाकात
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में बताया गया कि मार्च में अनुपस्थित रहने के कारण प्रवीण को निलंबित कर दिया गया था। ग्रेटर नोएडा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) साद मिया खान के अनुसार ग्रेटर नोएडा की एक सोसायटी में अपना फ्लैट बेचना चाह रहे अंकुश ने 20 फरवरी को ब्रोकर संचित के जरिए प्रवीण से मुलाकात की थी।
डीसीपी खान ने बताया, "अंकुश एसकेए सोसायटी, एटा-2 में अपना फ्लैट बेच रहे थे और प्रवीण को 1.18 करोड़ रुपए में इसे बेचने के लिए सहमत हुए, जिसमें 88 लाख रुपए अग्रिम और 30 लाख रुपए नकद थे। मार्च तक प्रवीण ने लगभग 7 लाख रुपए का भुगतान किया था और ट्रांसफर मेमोरेंडम (टीएम) प्रक्रिया 27 अप्रैल को शुरू हुई थी। टीएम पत्र प्राप्त करने के बाद प्रवीण 10 मई को फ्लैट में चले गए।"
बना ली थी हत्या की साजिश
डीसीपी खान ने कहा, "5 अगस्त को प्रवीण और संचित ने अल्फा-2 मार्केट में अंकुश से उनके ऑफिस में मुलाकात की, जहां प्रवीण 11 लाख रुपए देने के लिए सहमत हुआ। हालांकि, प्रवीण ने अंकुश को मारने और फ्लैट पर कब्जा करने की योजना पहले ही बना ली थी।"
पूछताछ के दौरान प्रवीण ने कबूल किया कि 9 अगस्त को उसने अंकुश को अपने कार्यालय में बुलाया, उसे क्रेटा कार में बैठाया और उसे नशीली दवा मिली लस्सी पिला दी। प्रवीण ने अंकुश को एसकेए सोसाइटी के अपने घर की भूमिगत पार्किंग में ले गया और हथौड़े से उसकी हत्या कर दी। पकड़े जाने से बचने के लिए उसने अंकुश के फोन से अपने वकील और दोस्त को संदेश भेजे, जिसमें उसने दावा किया कि वह दस्तावेज तैयार कर रहा है और फिर शव को शारदा चौराहे के पास फेंक दिया।
सीसीटीवी से खुला हत्या का राज
बाद में उसने खून से सनी कार को धोया और दावा किया कि उसके बेटे के सिर में चोट लगी है। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस प्रवीण तक पहुंची। पुलिस ने बीएनएस एक्ट की धारा 103(1) (हत्या), 238 (साक्ष्य मिटाना) और 123 (जहर देकर चोट पहुंचाना आदि) के तहत मामला दर्ज किया गया है।












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