'प्रवासी मजदूरों' की याद दिलाकर प्रियंका ने BJP पर कसा तंज, कही ये बात
लखनऊ, 17 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए बसों के इंतजाम पर कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा तीखा तंज कसा है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने 'प्रवासी मजदूरों' का जिक्र करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान जब लाखों श्रमिक बहन-भाई पैदल चलकर उप्र में अपने गांवों की तरफ लौट रहे थे, उस समय भाजपा सरकार ने श्रमिकों को बसें उपलब्ध नहीं कराई थीं।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कुछ अखबारों की खबरों का स्क्रिनशॉट शेयर भी ट्वीट किए है। प्रियंका गांधी लिखा,
लॉकडाउन के दौरान जब दिल्ली से लाखों श्रमिक बहन-भाई पैदल चलकर उप्र में अपने गांवों की तरफ लौट रहे थे, उस समय भाजपा सरकार ने श्रमिकों को बसें उपलब्ध नहीं कराई थीं। लेकिन, पीएम और गृहमंत्री की रैलियों में भीड़ लाने के लिए सरकार जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। उप्र के गांव-गांव में भाजपा के प्रति गहरी नाराजगी है। भाजपा की 'जुमलों की दुकान, फीके पकवान' वाली राजनीति को बच्चा-बच्चा समझ चुका है।इसलिए करोड़ों लगाकर बस चेहरा बचाने की कवायद चल रही है।
इतना ही नहीं, प्रियंका द्वारा शेयर किए स्क्रिनशॉट में उन खबरों का जिक्र किया गया है, जिसमें बताया गया है कि पीएम मोदी की रैलियों के लिए सरकारी बसों का इंतजाम किया जा रहा है। एक खबर में बताया गया है कि 19 नवंबर को महोबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के लिए 1600 बसों का इंतजाम किया जा रहा है। इनका खर्च सिंचाई विभाग उठाएगा। इसके साथ ही बताया गया है कि जिला प्रशासन ने परिवहन विभाग से भी बसें मांगी है।
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इतना ही नहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा ट्वीट किए अखबार के स्क्रिनशॉट में बताया गया है कि आजमगढ़ में रैली में भीड़ जुटाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग से 40 लाख रुपए मांगे गए हैं। एक अन्य खबर में बताया गया है कि कैसे पीएम मोदी की रैली में बसें लगाने के बाद सवारियों के लिए बसों का टोटा हो गया है। सवारियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए बसें नहीं मिल रही हैं।












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