बजट सत्र: गोवा-मणिपुर में बीजेपी की सरकार को लेकर संसद में घमासान, कांग्रेस का वॉकआउट
कांग्रेस का कहना है कि दोनों राज्यों में बड़ी पार्टी होने बावजूद राज्यपाल ने कांग्रेस को सरकार बनाने का न्यौता नहीं दिया।
नई दिल्ली। पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद जहां बीजेपी ने गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने का दावा किया है। वहीं इस मुद्दे पर संसद में हंगामे के आसार नजर आ रहा हैं। कांग्रेस ने गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने के खिलाफ संसद में लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव जारी किया है। इस बीच लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही कांग्रेस सांसदों ने वॉकआउट किया है। गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने के बीजेपी के दावे के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने ये फैसला लिया है।

कांग्रेस लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस का कहना है कि दोनों राज्यों में बड़ी पार्टी होने बावजूद राज्यपाल ने कांग्रेस को सरकार बनाने का न्यौता नहीं दिया। इसी से नाराज कांग्रेस पार्टी ने संसद में इस मुद्दे पर बीजेपी और सरकार को घेरने की योजना में जुटी हुई है। पार्टी की ओर से लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव जारी किया गया है। वहीं बीजेपी ने लोकसभा में अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी करके संसद में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। सरकार ने इस विवाद में जीत के लिए और कांग्रेस के खिलाफ पलटवार के लिए तैयारी कर ली है।
बता दें कि मनोहर पर्रिकर आज राजभवन में गोवा के सीएम पद की शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मौजूद रहेंगे। गोवा में मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री पद की शपथ लें इससे पहले ही इस मुद्दे पर विवाद नजर आ रहा है। पर्रिकर के शपथ ग्रहण को कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। पर्रिकर की ताजपोशी से पहले कांग्रेस ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से आग्रह किया है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए, राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस विधायक दल ने दावा किया कि पार्टी के पास विधायकों का पर्याप्त समर्थन है और वह सदन के पटल पर बहुत साबित कर सकती है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी को मिले सरकार बनाने का मौका मिले, साथ ही उन्होंने राज्यपाल से संविधान के तहत काम करने की अपील की है। गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, मनोहर पर्रिकर सहित उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। मृदुला सिन्हा ने पर्रिकर से शपथ ग्रहण के बाद गोवा विधानसभा में 15 दिनों के अंदर बहुमत साबित करने के लिए कहा है।












Click it and Unblock the Notifications