उपचार के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है: योगी आदित्यनाथ
सैफई में आज उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के 500 बेडेड सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के लोकार्पण कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक हॉस्पिटल या संस्थान कैसे ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बदलने का काम कर सकता है, यह प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे मेडिकल कॉलेज इसका उदाहरण हैं।
आपने देखा होगा कि 1947 से 2017 तक 70 वर्षों में यूपी में केवल 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज यूपी में बन पाए थे। लेकिन आज 45 जनपदों में 45 मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। 20 में बनने के अंतिम चरण में हैं। बाकी के 14 में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।

देश के भीतर स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने इसे प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया, इसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं। वर्ष 1998 तक देश में सिर्फ एक एम्स था, अटल जी ने 6 नए मेडिकल कॉलेज दिए। मोदी जी ने इसकी संख्या को 22 तक पहुंचा दिया। मैं मुलायम सिंह को श्रद्धांजलि दूंगा कि उन्होंने अपने गांव में इस आयुर्विज्ञान केंद्र को स्थापित किया।
उत्तर प्रदेश के अंदर 10 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनना है। उसमे से 5 करोड़ के कार्ड बन गए हैं, बाकी के बनाने की प्रक्रिया को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। सैफई के इस विश्वविद्यालय ने 6 लाख लोगों से अधिक लोगों को लाभ दिया है। शहरी क्षेत्रों में तो इसका बहुत अधिक लाभ प्राप्त हुआ है।
उपचार के लिए पैसे की कमी नहीं है। आज 108 और 109 के रिस्पांस टाइम को स्वास्थ्य विभाग ने कम कर दिया है। पहले यह आधा और पौन घंटा था। आज हर जनपद में एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस 4-5 उपलब्ध हैं। अगर कोई हादसा होता है तो उस मरीज के लिए पहला एक घंटा काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यह कार्डिक वैन काफी कारगर साबित हो रही है। लोगों को इसका लाभ हो रहा है।












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