गोरखपुर दंगा मामले में बढ़ सकती हैं सीएम योगी की मुश्किलें
केस डायरी और अभियोजन नामंजूरी में दर्ज कारण केस को नया मोड़ देंगे। अगर हाईकोर्ट इन सबूतों में उपस्थित साक्ष्यों में बल पायेगा तो सीएम योगी आदित्यनाथ की मुश्किलें बढ़ना तय है।
इलाहाबाद। गोरखपुर दंगे मामले में अब नया मोड़ आ गया है । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस केस डायरी मांगी है। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति न देने के कागज भी पेश करने को कहा है जबकि हाईकोर्ट भड़काऊ बयानबाजी वाले क्लिप को भी देखेगा।

हलांकि क्लिप को लेकर पहले ही रिपोर्ट दी गयी है कि वीडियो सीडी के साथ छेड़छाड़ हुई है लेकिन केस डायरी और अभियोजन नामंजूरी में दर्ज कारण केस को नया मोड़ देंगे। अगर हाईकोर्ट इन सबूतों में उपस्थित साक्ष्यों में बल पायेगा तो सीएम योगी आदित्यनाथ की मुश्किलें बढ़ना तय है।
आपको बता दे कि गोरखपुर दंगे मामले पर जस्टिस कृष्ण मुरारी व जस्टिस एसी शर्मा की खंडपीठ ने लगातार तीन दिन सुनवाई करने के बाद यह आदेश दिया है। अब महानिबंधक को 11 सितम्बर को केस से संबंधित सभी पत्र-कागजात उपलब्ध कराने होंगे। कोर्ट कागजातों का अध्ययन करेगा और फिर अपना फैसला सुनायेगा।
क्या है गोरखपुर दंगा मामला
जैसा की बताया जाता है गोरखपुर में 2007 में 26/27 जनवरी की रात मोहर्रम जुलुस के दौरान दो पक्षों में विवाद हुआ और भीड़ ने राजकुमार अग्रहरि की हत्या कर दी। यही मामला बढ गया और इसने सांप्रदायिक रूप अख्तियार कर लिया। आरोप है कि तभी एक जनसभा हुई जिसमें तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ ने भड़काऊ भाषण दिया जिसके बाद ही दंगा भड़क गया। इस सभा में कई और नेता भी थे। उन पर भी यही आरोप है।












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