CM Yogi Japan Visit: सूरज के देश में भगवा पहनकर उतरेंगे सीएम योगी! कौन-कौन जाएगा साथ,किन मुद्दों पर रहेगी नजर
CM Yogi Japan Singapore Visit: उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बड़े कूटनीतिक और आर्थिक अभियान पर निकल रहे हैं। योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर जा रहे हैं।
यह न केवल निवेश के लिहाज से बल्कि भारत के सांस्कृतिक प्रभाव को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए भी काफी चर्चा में है।

यह एक औपचारिक विदेश यात्रा नहीं, बल्कि यूपी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा रहा है।
CM Yogi Japan Singapore दौरे का पूरा शेड्यूल 22 से 26 फरवरी
इस दौरे की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी भगवा पहचान के साथ नजर आएंगे।मुख्यमंत्री का कार्यक्रम मिनट-दर-मिनट तय किया जा चुका है:
22 फरवरी: लखनऊ से सिंगापुर के लिए रवानगी।
23-24 फरवरी (सिंगापुर): यहां सीएम योगी सिंगापुर के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विदेश मंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। वे स्मार्ट सिटी, जल प्रबंधन और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी पर चर्चा करेंगे।
25-26 फरवरी (जापान): मुख्यमंत्री जापान के टोक्यो, यामानाशी और ओसाका का दौरा करेंगे। यहां वे 'जापान-उत्तर प्रदेश पार्टनरशिप' सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
Maglev Train Japan CM Yogi: मैग्लेव ट्रेन का 'सुपरफास्ट' अनुभव
जापान दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण मैग्लेव (Maglev) ट्रेन का ट्रायल होगा। 600 किमी/घंटा की रफ्तार: मुख्यमंत्री इस अत्याधुनिक ट्रेन में 100 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। यूपी में मेट्रो और आरआरटीएस (RRTS) जैसे प्रोजेक्ट्स के बाद, सरकार भविष्य की हाई-स्पीड परिवहन तकनीक का अध्ययन करना चाहती है।
इस दौरे के दौरान यूपी सरकार ने एक मास्टरप्लान तैयार किया है। यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने ग्रेटर नोएडा में 'जापान सिटी' और 'सिंगापुर सिटी' के लिए 500-500 एकड़ जमीन चिह्नित की है। मुख्यमंत्री इन देशों की कंपनियों को अपनी पसंद के अनुसार ये शहर विकसित करने का न्योता देंगे। सेमीकंडक्टर, ईवी (इलेक्ट्रॉनिक वाहन), लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और फिनटेक।
निवेश डिप्लोमेसी पर रहेगी खास फोकस
सीएम योगी विदेश यात्रा के दौरान भी भगवा वस्त्रों में रहेंगे, जो उनकी वैचारिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत वे इस बार जूते पहनकर आधिकारिक बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा योगी आदित्यनाथ की "लोकल कल्चर, ग्लोबल कनेक्ट" रणनीति को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के साथ जा रहा 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल यूपी सरकार के आर्थिक और औद्योगिक विजन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएगा। प्रतिनिधिमंडल में वित्त, उद्योग, आईटी, श्रम और पर्यटन से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। इनकी मौजूदगी यह संकेत देती है कि दौरे का मुख्य एजेंडा निवेश, तकनीक और रोजगार है।
सीएम योगी सिंगापुर और जापान में आयोजित कम्यूनिटी इवेंट्स में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए न केवल प्रवासी भारतीयों से भावनात्मक जुड़ाव मजबूत किया जाएगा, बल्कि उन्हें उत्तर प्रदेश में निवेश और साझेदारी के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का रोडमैप तैयार
सिंगापुर में मुख्यमंत्री की मुलाकात प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृहमंत्री और विदेश मंत्री से संभावित है। वहीं जापान में वे यामानाशी प्रांत के गवर्नर और प्रमुख उद्योगपतियों से बातचीत कर सकते हैं। इन बैठकों में औद्योगिक सहयोग, तकनीकी हस्तांतरण और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
सीएम योगी इस दौरे के दौरान ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक, ग्रीन एनर्जी, फिनटेक और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश के अवसर पेश करेंगे। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और राज्य को एशिया के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और टेक हब के रूप में स्थापित करना है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह दौरा न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक संदेश भी देता है कि यूपी अब कानून-व्यवस्था और सुशासन के साथ-साथ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।












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